रायगढ़

किसानों को नहीं मिला सूखा राहत राशि, पटवारियों के रिपोर्ट पर ग्रामीण उठा रहे सवाल

किसानों ने शिकायत में बताया गया है कि अल्प वर्षा के कारण पूरा लेंझरपाली प्रभावित हुआ है लेकिन रिपोर्ट में 33 किसानों का नाम छोड़ दिया गया

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Jun 06, 2018
कहीं किसान को नहीं मिली सूखा राहत राशि तो कुछ को आधा-अधूरा मिला मुआवजा

रायगढ़. सूखा राहत राशि वितरण होने के बाद पटवारियों के रिपोर्ट पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। कहीं किसान सूखा राहत राशि नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं तो कहीं पर आधा-अधूरा मुआवजा मिलने की बात कही जा रही है। मंगलवार को बरमकेला के लेंझरपाली गांव के करीब दर्जन भर किसानों ने कलक्टर के नाम शिकायत कर पटवारी की रिपोर्ट में गांव के 33 किसानों का नाम छूटने की शिकायत की गई है।

किसानों ने शिकायत में बताया गया है कि अल्प वर्षा के कारण पूरा लेंझरपाली प्रभावित हुआ है लेकिन हल्का पटवारी सहनी सिदार द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में 33 किसानों का नाम छोड़ दिया गया जब गांव में अन्य किसानों को सूखा राहत मिलना शुरू हुआ तो तहसील से सूची में नाम मिलान किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपना नाम न पाकर जब शिकायत की तो 33 किसानों का फिर से रिपोर्ट बनाकर दिया गया। फिलहाल किसान राहत राशि नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं।

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साथ ही यह भी बता रहे हैं कि कई किसानों के आधे रकबे का मूल्यांकन किया गया है पूरे का नहीं। इसके कारण किसान को आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है। ज्ञात हो कि सूखा राहत को लेकर पूर्व में भी अलग-अलग विकासखंडों से समय-समय पर शिकायत देखने को मिल रहा है। अधिकांश शिकायत में यही बात सामने आ रही है कि आधे रकबे का मूल्यांकन किया गया है। इसको लेकर पटवारियों के रिपोर्ट पर सवाल उठने लगा है।

राशि मांगने का आरोप
बरमकेला के ग्राम बम्हनीपाली के किसान बलराम, भरत सहित अन्य ने भी सूखा राहत को लेकर शिकायत की है जिसमें बताया है कि वर्ष २०१७-१८ में उनका फसल अल्प वर्षा के कारण प्रभावित हुआ। सर्वे के दौरान संबंधित पटवारी को अवगत कराया गया था लेकिन रिपोर्ट में नाम नहीं जोड़ा गया। कलक्टर से की गई शिकायत में किसानों ने पटवारियों पर राशि मांगने का भी आरोप लगाया है।

नाम जोडऩे की मांग
सारंगढ़ के ग्राम देवारपाली निवासी बाबूलाल व दादूलाल ने भी सूखा राहत को लेकर शिकायत करते हुए जिला प्रशासन को बताया है कि जब पटवारी द्वारा सर्वे के दौरान पूरी जानकारी देते हुए नुकसान बताया गया था लेकिन सूची से नाम ही गायब कर दिया गया है, जबकि गांव के अन्य किसानों को राहत राशि दी गई है। ऐसे में नाम जोडऩे की मांग की गई है।

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Published on:
06 Jun 2018 12:07 pm
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