रायगढ़

मां – बाप ने दो दिन की नवजात बच्ची को फेंका सड़क में, जब सुबह ग्रामीण ने देखा इस हाल में तो…

बच्ची को चाइल्ड लाइन को सौंपा,डॉक्टरों ने बताई बच्ची की हालत स्वस्थ्य .
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Oct 31, 2019
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रायगढ़ . खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत एक अजीब घटना घटी है। शौच करने गए एक व्यक्ति को पहाड़ी के पास दो दिन की नवजात बच्ची मिली है। जिसे उक्त व्यक्ति ने मितानिन व गांव के सरपंच के माध्यम से उपचार के लिए खरसिया अस्पताल पहुंचाया। जहां से बच्ची को रायगढ़ रेफर कर दिया गया है। वहीं उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है। चाइल्ड लाइन के समन्वयक गोपाल कृष्णा ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार बच्ची अभी स्वस्थ्य है। हालांकि घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात माता-पिता के खिलाफ धारा 317 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थिया कुमारी सिदार पति श्याम लाल सिदार (50) सोनबरसा गांव की रहने वाली है और वह मितानिन का कार्य करती है। 30 अक्टूबर की सुबह साढ़े पांच बजे गांव की सरपंच जयंती राठिया ने कुमारी सिदार को फोन कर बताई कि उसका चाचा ससुर फूलसाय राठिया सोनबरसा पहाड़ी तरफ शौच करने गया था। जहां उसे एक बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी।

ऐसे में फूलसाय पास जाकर देखा तो वहां एक नवजात बच्ची जीवत हालत में बिलख रही थी। जिसे फूलसाय अपने घर लेकर आया है और डायल 112 को फोन कर बच्ची को इलाज के लिए खरसिया अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने बताया कि बच्ची सिर्फ दो दिन की थी, ऐसे में उसे बेहतर इलाज के लिए रायगढ़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं पूरे मामले को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया।

सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन के समन्वयक गोपाल कृष्ण महापात्र अपने स्टाफ रीता मिंज व चैतन प्रधान के साथ मौके पर पहुंचे और अपनी उपस्थिति में बच्ची का उपचार कराया। शिशु रोग विशेषज्ञ ने गोपाल कृष्ण से कहा है कि बच्ची अभी बिल्कुल स्वस्थ्य है, लेकिन उसे दो दिन और डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद ही उसे सौंपा जाएगा।

पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस व स्थानीय लोगों की माने कुछ देर और हो जाती तो शायद आज मासूम इस दुनिया में नहीं रहती। लेकिन ऐन वक्त पर फूल साय मौके पर पहुंच गया और बच्ची को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मितानिन की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात माता-पिता के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।

नवजात को मिलेगा नया आशियाना
गोपाल कृष्ण ने बताया कि बच्ची को अस्पताल ले जाने के बाद प्रक्रिया के तहत उसे सीडब्ल्यूसी को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके बाद सीडब्ल्यूसी बच्ची को मातृनिलियम भेजेगी, जहां छोटे बच्चों को रखा जाता है। ज्ञात हो कि मातृनिलियम में आने वाले असहाय व अनाथ बच्चों की देखरेख उन्नायक सेवा समिति करती है। वहीं यहां के बच्चों को बड़े-बड़े फिल्मी परिवार व फोरेनर भी अडाप्ट कर अपने घर ले जाते हैं। जिसके बाद मासूम बच्चों को एक नई दुनिया मिल जाती है।

बुधवार की सुबह सोनबरसा के एक ग्रामीण को पहाड़ी के पास लावारिश हालत में बच्ची मिली थी। जिसे उपचार के लिए रायगढ़ भेजा गया है। सूचना मिली है कि बच्ची स्वस्थ्य है। बच्ची को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले की विवेचना चल रही है।
एसआर साहू, टीआई, खरसिया

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Published on:
31 Oct 2019 05:17 pm