पौन घंटे बाद घायल नट को बीआर लोकल से रायगढ़ लाने की पहल हुई, पर इलाज में देरी के बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
रायगढ़. गोवा से रोजी मजदूरी कर रायगढ़ लौट रहे एक नट परिवार का मुखिया इतवारी टाटा पैसेंजर से गिर गया। जिसकी वजह से वह बुरी तरह घायल हो गया। गिरने के करीब पौन घंटे बाद घायल नट को बीआर लोकल से रायगढ़ लाने की पहल हुई, पर इलाज में देरी के बीच उसे रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जिसकी पुष्टि रायगढ़ रेलवे डॉक्टर ने की। जीआरपी मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार पुसौर लोहर सिंह निवासी हरि चंद्र नट पिता रन साय नट 40 साल, घूम-घूम कर तमाशा दिखाने का काम करता था। उसके इस पारंपरिक पेशे में उसके परिवार के अन्य लोग भी शामिल रहते हैं। हरि नट पिछले दिनों अपने परिवार के लोगों के साथ रोजी मजदूरी करने को लेकर गोवा गया था। वहीं गोवा से लौटने के दौरान हरि अपने परिजनों के साथ इतवारी टाटा पैसेंजर से रायगढ़ लौट रहा था।
ट्रेन के भूपदेवपुर स्टेशन पहुंचने के दौरान हरि, पानी लेने के लिए नीचे उतरा। अपने परिजनों को पानी देने के बाद वह बाहर घूम रहा था। इस बीच ट्रेन खुल खुल गई। परिजनों को यह लगा कि हरि दूसरे कोच में बैठ गया होगा। इस बीच एक व्यक्ति ने ट्रेन से किसी गिरने की सूचना दी तो परिजनों की बेचैनी बढ़ी।
उन्होंने ट्रेन के रायगढ़ पहुंचने पर हरि के भूपदेवपुर छूटने की जानकारी रायगढ़ जीआरपी को दी। परिजनों की सूचना देने से पहले ही रायगढ़ जीआरपी को भूपदेवपुर पर एक व्यक्ति के भूपदेवपुर के आउटर पर एक यात्री के गिरने की सूचना मिल चुकी थी।
इस बीच रेलवे ट्रैक पर गिरे घायल यात्री को पीछे से आ रही बीआर लोकल से रायगढ़ लाने की पहल की गई। वहीं रेलवे डॉक्टर के साथ स्थानीय अधिकारी प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर मौजूद थे। जैसे ही बीआर लोकल स्टेशन पर रुकी तो घायल यात्री को कोच से नीचे उतरने की पहल हुई, पर उससे पहले ही हरि नट दम तोड़ चुका था। जिसकी पुष्टि रेल डॉक्टर ने की। इसके बाद हरी नेट के परिजनों पर मानों पहाड़ टूट पड़ा हो । प्लेटफार्म पर ही छाती पीट पीटकर परिजन रोने लगे। जीआरपी ने शव को अपने कब्जे में लेकर पीएम के लिए अस्पताल भेजा। वहीं मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
समय पर मिलता इलाज तो बच जाती जान
स्थानीय लोगों की मानें तो इतवारी टाटा पैसेंजर से आ रहे हरि नट, भूपदेवपुर के आउटर पर गिरा था। जिससे वो पूरी तरह घायल हो गया था। पर उसे संजीवनी 108 से आसपास के अस्पताल में भर्ती करने की बजाय बीआर लोकल से रायगढ़ लाने की पहल की गई। जिसमें करीब पौन घंटे का समय बीत गया। इस बीच घायल अवस्था में हरी ने बीआर लोकल में ही दम तोड़ दिया। परिजनों से पूछताछ के बाद जीआरपी का यह भी कहना है कि हरि नट, मिर्गी की बीमारी से पीडि़त था। शायद मिर्गी आने की वजह से वह ट्रेन से गिर गया था।