रायगढ़

Raigarh Carbon Plant Accident: पिता-पुत्र और 9 माह की मासूम समेत 4 की मौत, अस्पताल में गूंजती रहीं चीखें, FIR वापस लेने का दबाव

Raigarh Carbon Plant Accident: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हुए मंगल कार्बन प्लांट हादसे ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया है। खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में 5 फरवरी को हुए भीषण ब्लास्ट की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

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Feb 12, 2026
मौत (File Photo)

Raigarh Carbon Plant Accident: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हुए मंगल कार्बन प्लांट हादसे ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया है। खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में 5 फरवरी को हुए भीषण ब्लास्ट की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इलाज के दौरान 9 माह की मासूम बच्ची के बाद 11 फरवरी को तीन अन्य लोगों ने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के पिता, पुत्र और मासूम बच्ची की मौत से गांव में शोक की लहर है।

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नेशनल हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात को संभालने में जुट गए।

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Raigarh Carbon Plant Accident: अस्पताल में गूंजती रही चीखें

अस्पताल के वार्ड में उस मां की चीखें गूंजती रहीं, जिसने अपनी 9 माह की दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया। बुधवार दोपहर ससुर साहेब लाल खड़िया ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वे वेंटिलेटर पर थे। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

ऐसे हुआ था हादसा

जानकारी के अनुसार 5 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे प्लांट के फर्नेस में श्रमिक पुराने टायर गलाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान मशीन का ढक्कन अचानक खुल गया और ऑक्सीजन अंदर जाते ही जोरदार धमाका हुआ। आग की लपटों के साथ खौलता गर्म पदार्थ वहां काम कर रहे श्रमिकों पर जा गिरा, जिससे एक मासूम सहित सात श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। अन्य श्रमिकों ने तत्काल प्लांट मालिक को सूचना दी और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिंदल अस्पताल रेफर किया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें रायपुर स्थित कलड़ा बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर में भर्ती कराया गया।

मृतकों के नाम

  • भूमि खड़िया (9 माह)
  • शिव खड़िया (27 वर्ष)
  • साहेब लाल खड़िया (45 वर्ष)
  • इंदीवर (19 वर्ष)

भूमि, शिव और साहेब लाल एक ही परिवार के सदस्य थे। वहीं अन्य घायल मजदूरों का इलाज रायपुर के कलड़ा बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

एक ही परिवार के 4 लोग झुलसे थे

इस घटना में एक ही परिवार के चार लोग आग की चपेट में आए थे। साहेबलाल खड़िया (46) 80-90%, शिव खड़िया (27) 80-90%, उदासिनी खड़िया (25) 30-40% और भूमि खड़िया (9 माह) 80-90% तक झुलस गए थे। बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। देर रात पिता शिव खड़िया की भी मौत हो गई। जबकि 19 साल के युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।

श्रमिक सुरक्षा में लापरवाही

उदासिनी के भाई सूरज किसान ने बताया कि 9 महीने की भांजी और जीजा की मौत हो गई। बहन अस्पताल में भर्ती है और उसका रो-रोकर बुरा हाल है। काम के दौरान सुरक्षा गाइडलाइन का पालन नहीं किया जाता था। इस वजह से ये हादसा हुआ है। सूरज ने बताया कि बहन के चार बच्चों में से अब दो की मौत हो चुकी है, जबकि एक बेटा और एक बेटी घर पर हैं।

घायलों का उपचार जारी

उक्त प्लांट में हादसे के बाद अभी तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है बाकी के चार श्रमिक अभी जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। घायलों में साहेब लाल खडिय़ा (45 वर्ष) 80-90 प्रतिशत झुलसे, उदाशिनी खडिय़ा (25 वर्ष) 30-40 प्रतिशत झुलसी, कौशल (25 वर्ष) 70-80 प्रतिशत झुलसे और प्रिया (32 वर्ष) 70-80 प्रतिशत झुलसे होने के कारण इनका अभी उपचार जारी है, लेकिन फिलहाल स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।

FIR वापस लेने का दबाव

हादसे के बाद खरसिया थाने में प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। परिजनों का आरोप है कि अब केस वापस लेने और बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है।

Published on:
12 Feb 2026 12:53 pm
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