रायगढ़

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.77 करोड़ की ठगी, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव समेत दर्जनभर लोग बने शिकार

Raigarh Fraud Case: रायगढ़ में शेयर ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट के नाम पर 1.77 करोड़ रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव समेत 14 लोगों ने आकर्षक रिटर्न के लालच में निवेश किया था।
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Jun 01, 2026
Raigarh Fraud Case
Raigarh Fraud Case(photo-patrika)

Raigarh Fraud Case: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शेयर ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खुलवाने का झांसा देकर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) समेत दर्जनभर लोगों से 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि निवेश पर हर महीने आकर्षक रिटर्न और डीमैट अकाउंट की सुविधा का लालच देकर बड़ी रकम जमा करवाई गई, लेकिन बाद में निवेशकों को न तो उनका पैसा मिला और न ही डीमैट अकाउंट से जुड़ी कोई जानकारी।

Raigarh Fraud Case: 2022 में हुई थी आरोपी से मुलाकात

पुलिस के अनुसार दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा (42) मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि वर्ष 2022 में उनकी मुलाकात पश्चिम बंगाल निवासी विश्वजीत देवनाथ से हुई थी। विश्वजीत ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताते हुए निवेश का प्रस्ताव दिया था।

हर महीने 6 प्रतिशत ब्याज का दिया लालच

आरोप है कि विश्वजीत ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उनके नाम पर डीमैट अकाउंट खोलकर शेयर बाजार में निवेश किया जाएगा। इसके बदले हर महीने 6 प्रतिशत ब्याज और मूलधन का 10 प्रतिशत हिस्सा वापस देने का वादा किया गया। आकर्षक रिटर्न के कारण संजय मिश्रा उसके प्रस्ताव से प्रभावित हो गए।

लोन लेकर किया निवेश

संजय मिश्रा ने आरोपी की बातों पर भरोसा कर आईसीआईसीआई बैंक से 12 लाख रुपए का ऋण लिया और आरोपी द्वारा बताए गए जीटीजी प्रोडक्ट सर्विस के खाते में राशि जमा कर दी। शुरुआती चार से पांच महीनों तक उन्हें नियमित भुगतान भी मिला, जिससे उनका विश्वास और मजबूत हो गया।

अन्य लोगों को भी जोड़ा गया

कुछ समय बाद आरोपी ने निवेश से मिलने वाली राशि को दोबारा निवेश करने की सलाह दी। इसके बाद संजय मिश्रा ने अपने परिचितों और साथियों को भी इस योजना के बारे में बताया। धीरे-धीरे कई लोग इस निवेश योजना से जुड़ते गए और कुल मिलाकर 14 लोगों ने बड़ी राशि निवेश कर दी।

1.77 करोड़ रुपए का हुआ निवेश

शिकायत के अनुसार संजय मिश्रा सहित विकास साहू, राकेश कुमार मनहर, रितेश साव, देव कश्यप, सुनील पाणिग्राही, शिशुपाल, कृष्णा पांडेय, कृष्णा द्विवेदी, राकेश सरकार, लोचन पटेल, मनील गुप्ता, श्रीमंत मिश्रा और अजय वर्मा ने मिलकर कुल 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपए निवेश किए।

डीमैट अकाउंट नहीं खुला तो हुआ शक

पीड़ितों को बाद में जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग और ट्रांजेक्शन के लिए डीमैट अकाउंट आवश्यक होता है। आरोपी ने सभी निवेशकों का डीमैट अकाउंट खुलवाने का भरोसा दिया था, लेकिन लंबे समय तक न तो कोई दस्तावेज मिला और न ही अकाउंट से संबंधित कोई जानकारी दी गई। इसके बाद निवेशकों को ठगी का संदेह हुआ।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

मामले की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस आरोपी और निवेश से जुड़े बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही लेन-देन और दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है।

निवेश से पहले करें पूरी जांच

इस मामले ने एक बार फिर निवेश योजनाओं में बिना सत्यापन के पैसा लगाने के जोखिम को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित कंपनी, डीमैट अकाउंट, नियामकीय पंजीकरण और दस्तावेजों की पूरी जांच करना जरूरी है, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

Updated on:
01 Jun 2026 11:28 am
Published on:
01 Jun 2026 11:28 am