
Raigarh cyber fraud: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में यूनिटी मेटा टोकन में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर 11.60 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ित को निवेश की रकम पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया था। मुनाफे की उम्मीद में पीड़ित ने अपनी जमीन तक बेच दी और प्राप्त रकम निवेश कर दी। लेकिन न तो उसे वादा किया गया मुनाफा मिला और न ही निवेश की मूल राशि वापस हुई। शिकायत के बाद रायगढ़ साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान बैंक खातों में हुए लेन-देन और मोबाइल फोन से मिले तथ्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। इस मामले में मुख्य आरोपी गजुला मोहन का नाम सामने आया है, जो पूर्व में भी धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी रह चुका है। बताया गया है कि वह न्यायालय से स्टे लेकर फरार चल रहा था। पुलिस अब इस मामले में ओडिशा और मुंबई तक जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
यूनिटी मेटा टोकन में निवेश के नाम पर पीड़ित को भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया गया था। निवेश से आर्थिक लाभ होने की उम्मीद में उसने अपनी जमीन बेचकर रकम जुटाई और आरोपियों के कहने पर निवेश कर दिया। पीड़ित को उम्मीद थी कि कुछ समय बाद उसे अच्छा रिटर्न मिलेगा और उसकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। कुछ समय बाद उसे न तो निवेश पर लाभ मिला और न ही उसकी मूल रकम वापस की गई। इस तरह पीड़ित की 11.60 लाख रुपए की रकम फंस गई। जमीन बेचकर जुटाई गई राशि डूबने से उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची, जिसके आधार पर जांच और कार्रवाई शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ साइबर पुलिस ने वित्तीय लेन-देन और आरोपियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन और मोबाइल फोन के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की भूमिका का पता लगाया। जांच के दौरान तीन आरोपियों की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस मामले में मुख्य आरोपी गजुला मोहन का पूर्व में भी धोखाधड़ी के एक मामले से जुड़ा होना सामने आया है। जानकारी के अनुसार, वह न्यायालय से स्टे लेकर फरार चल रहा था। पुलिस अब उसके पुराने मामलों और वर्तमान प्रकरण में उसकी भूमिका से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। वहीं, जांच का दायरा केवल रायगढ़ तक सीमित नहीं है। पुलिस ओडिशा और मुंबई तक जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तरह के निवेश के नाम पर और कितने लोगों से रकम ली गई तथा पैसों का लेन-देन किन खातों के जरिए हुआ।
यह मामला निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की आशंका को उजागर करता है। किसी भी टोकन या डिजिटल निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता, संबंधित संस्था की विश्वसनीयता और निवेश से जुड़े जोखिमों की जानकारी लेना जरूरी है। असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का वादा करने वाली योजनाओं को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल, रायगढ़ साइबर पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। ओडिशा और मुंबई तक जुड़े संभावित नेटवर्क की पड़ताल के बाद ही ठगी के पूरे तरीके और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।