महिला यात्री का रायगढ़ में किया गया इलाज
रायगढ़. चांपा-रायगढ़ रेल खंड में एक बार फिर असमाजिक तत्वों की करतूत देखने को मिली है। जहां उत्कल एक्सप्रेस के एसी कोच को निशाना बनाते हुए पत्थरबाजी की गई। इस घटना में बी-4 कोच का कांच, पूरी तरह से टूट कर चकनाचूर हो गया। वहीं उस पत्थर से एसी कोच में बैठी एक युवती भी घायल हो गया। जिसका इलाज, ट्रेन के रायगढ़ में रुकने पर किया गया। करीब 15 मिनट के इलाज के बाद ट्रेन को झारसुगुड़ा की ओर रवाना किया गया।
बिलासपुर डिवीजन में सुरक्षित रेल परिचालन अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। कभी चलते चलते डुप्लीकेट गीताजंलि एक्सप्रेस का कपलिंग टूट कर बोगियां अलग हो जा रही है तो कभी असमाजिक तत्वों द्वारा ट्रेन में पत्थरबाजी कर यात्रियों के मन में भय का महौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
कुछ ऐसा ही वाक्या हरिद्वारा पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस में देखने को मिला। जब चांपा रेलवे स्टेशन के करीब अज्ञात लोगों द्वारा ट्रेन के एसी कोच बी-4 में पत्थरबाजी की गई। करीब 205-300 ग्राम के इस बड़े पत्थर से वार इतना जोर से किया गया था कि एसी कोच का कांच पहले थोड़ा फिर पूरा टूट कर गिर गया। वहीं कांच को तोडऩे के बाद पत्थर एक महिला यात्री वैष्णवी कुमारी पिता वीके कौशिक को जा लगी। जिससे युवती के पांव में चोट लगने के साथ ही सूजन व दर्द हो गया।
मामले की जानकारी टीटीई के जरिए बिलासपुर कंट्रोल को दी गई। जिसके बाद ट्रेन के रायगढ़ में रुकने पर उक्त घायल युवती को इलाज किया गया। इस बीच युवती को रायगढ़ में उतर कर बेहतर इलाज कराने की सलाह भी दी गई। पर पीडि़ता के साथ उसके परिजनों ने रायगढ़ में उतर कर इलाज कराने की बजाए सफर करने की बात कही। पीडि़ता, नैला रेलवे स्टेशन से सफर कर रही थी। जिसे झारखंड के टाटा नगर रेलवे स्टेशन जाना था।
इससे पहले भी हुई है पत्थरबाजी की घटना
बिलासपुर-रायगढ़ रेल खंड के बीच में इससे पहले भी पत्थरबाजी कर एसी कोच को निशाना बनाया जा चुका है। सुरक्षा से जुड़े जवानों की माने तो रेलवे ट्रैक के किनारे घुमने वाले असामाजिक तत्वों द्वारा तेज रफ्तार से गुजर रही ट्रेनों मेंं पत्थरबाजी की जाती है। कई बार उनकी पहचान कर प्रकरण भी दर्ज किया गया है। कुछ दिनों तक यह बंद था। पर एक बार फिर उनके सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।
बैठने को लेकर भी हुआ था विवाद
एसी कोच मेंं पत्थरबाजी के दौरान जिस युवती को चोट आई है। नैला रेलवे स्टेशन पर उसके परिजनों द्वारा कोच में सवार होने के दौरान बर्थ को लेकर एक यात्री से विवाद भी हुआ था। जिसे कोच मेंं बैठे अन्य यात्री भी स्वीकार कर रहे हैंं। ऐसे मेंं, पत्थरबाजी के पीछे इस विवाद को भी जोड़ कर देखा जा रहा है। सुरक्षा अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।