पंजीयन विभाग के अधिकारियों की मानें तो कई कालोनियों में तो नगर एवं ग्राम निवेश से पास ले आऊट नहीं है तो कई कालोनियों में और कई दस्तावेज गायब हैं
रायगढ़. आधे-अधूरे दस्तावेज के साथ हाउसिंग बोर्ड ने कालोनियों का निर्माण कर दिया है। इसके कारण १९ कालोनियों के १८० खसरा का फ्री होल्ड और रजिस्ट्री रूक गई है। पंजीयन विभाग के अधिकारियों की माने तो कई कालोनियों में तो नगर एवं ग्राम निवेश से पास ले आऊट नहीं है तो कई कालोनियों में और कई दस्तावेज गायब हैं जिसके कारण भुइंया साफ्टवेयर में उक्त रकबा शो नहीं कर रहा है।
बोर्ड के अधिकारियों की माने तो करीब १९ कालोनियो ंमें १८० आवास व दुकान ऐसे हैं जिनका रकबा भुइंया में नहीं दिख रहा है। १८० खसरे में से कई आवास व मकान को फ्री होल्ड करने के लिए आवेदन लगा है तो कई की रजिस्ट्री के लिए आवेदन लगा हुआ है, लेकिन इनमें से किसी का रजिस्ट्री पिछले चार माह से नहीं हो रहा है। जिसका खामियाजा उक्त खसरे में लिए आवास व दुकान के उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। चार माह से बोर्ड के अधिकारी जिला प्रशासन सहित रायपुर उक्त जानकारी को संकलन कर भुइंया में अपलोड करने के लिए भेजने की बात कर रहे हैं, लेकिन अभी तक यह अपलोड नहीं हो पाया है। सूत्रों की माने तो हाउसिंग बोर्ड के अलावा सामान्य रूप से बसे ग्रामों के कुछ रकबे भी भुइंया में इंट्री नहीं है। जिसका खामियाजा वहां रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
जमीन आबंटन के बाद नहीं दिया ध्यान
हाउसिंग बोर्ड प्रशासन द्वारा सरकारी व नजूल जमीन आबंटित होने के बाद हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि इतने सालों बाद भी रिकार्ड में उक्त जमीन हाउसिंग बोर्ड के नाम पर दर्ज नहीं हो पाया है जिसका खामियाजा यहां मकान क्रय कर रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
बोर्ड कह रहा नजूल से लटका काम
बोर्ड के अधिकारियों ने अपने रिपोर्ट में यह स्प्ष्ट कर दिया है कि छूटे हुए रकबे व खसरे को अपडेट करने के लिए जानकारी भेजा गया है, लेकिन जानकारी भेजने के बाद एक बार भी इसके लिए और पहल नहीं किया गया है और अधिकारी कह रहे हैं कि यह प्रकरण नजूल व राजस्व विभाग में लटका हुआ है।
-हाउसिंग बोर्ड के मकानों का रजिस्ट्री व फ्री होल्ड नहीं हो रहा है। क्योंकि भुइंया में जानकारी अपडेट नहीं है कई में तो अधूरे दस्तावेज है।
डीके क्षत्रीज्ञ जिला पंजीयक
-हमने राजस्व व नजूल विभाग को इसके लिए लिखा है। रायपुर भी जानकारी संकलन के लिए गया है, लेकिन अभी सुधार नहीं हो पाया है कब तक हो पाएगा पता नहीं।एसके शर्मा, ईई, हाउसिंग बोर्ड