रायगढ़

संविलियन की खबर साथ लेकर आई मानसून की पहली फुहार, अब तो है बहार ही बहार

शिक्षाकर्मियों की बांछे खिल गई

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Jun 11, 2018
शिक्षाकर्मियों की बांछे खिल गई

रायगढ़. यूं तो रविवार शिक्षकों के लिए अवकाश व आराम का दिन होता है लेकिन जैसे ही दोपहर में ये खबर आई कि सीएम ने संविलियन की घोषणा कर दी है शिक्षाकर्मियों की बांछे खिल गई थीं।

पहले तो इस खबर को वो एक दूसरे से कफर्म करते रहे इसके बाद जब तसल्ली हो गई तो जमकर खुशी भी मनाई। ये घटना दोपहर की थी वहीं शाम के समय शहर में मॉनसून ने दस्तक दे दी थी, इससे तपती गर्मी के बाद शहर में भी खुशी का माहौल था। लंबे समय के इंतजार,

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आंदोलन और संघर्ष के बाद शिक्षाकर्मियों की प्रमुख मांग संविलियन को सीएम ने हरी झंडी दे दी है। बकायदा सीएम की ओर से अंबिकापुर विकास यात्रा के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने इस बात की घोषणा की गई है। जिसमें सीएम ने कहा है कि संविलियन को कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास करवाया जाएगा। इस घोषणा के बाद शिक्षाकर्मियों में जबरदस्त खुशी का माहौल है।

वहीं अब उनकी निगाहें आगामी केबिनेट बैठक के इंतजार में लगी हुई है। सीएम के घोषणा के बाद यह तय है कि शिक्षाकर्मियों का संविलियन होना है पर जल्द से जल्द हो ये इच्छा शिक्षाकर्मी जता रहे हैं।


संविलियन प्रस्ताव पास होने से जिले के करीब 8 हजार शिक्षाकर्मी को इसका लाभ मिलेगा। ज्ञात हो कि पिछले लंबे समय से शिक्षाकर्मी संघ संविलियन की मांग को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन करते रहे हैं। कुछ माह पूर्व राजधानी में उग्र प्रदर्शन भी किया गया था।

जिसमें एकाएक पीछे होने के बाद फिर से शिक्षाकर्मी संघ ने जिला स्तर में प्रदर्शन चालू किया और पिछले कुछ समय से संविलियन की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किया जाता रहा है। ऐसे में रविवार को अंबिकापुर में आयोजित सभा में सीएम ने शिक्षाकर्मियों के संविलयन की मांग को कैबिनेट में पास करवाने की घोषणा की है जिसके बाद से प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने आंदोलन को खत्म कर दिया है और अब शांतिपूर्वक कैबिनेट की बैठक में मंजूरी का इंतजार करने की बात कर रहे हैं। शिक्षाकर्मी संघ के पदाधिकारियों की माने तो शिक्षाकर्मी और नियमित शिक्षक दोनो एक ही काम करते थे लेकिन दोनो को अलग-अलग नाम दे दिया गया था इसके कारण शिक्षकों को मिलने वाली सुविधाओं में भी कटौती होती थी जिसको लेकर शिक्षाकर्मी हमेशा उपेक्षा का दंश झेलते रहे। इससे राहत मिल जाएगी।


पदाधिकारी बोले एकजुटता का परिणाम
वैसे तो देखा जाए तो जिले में शिक्षाकर्मी संघ में भी कई फाड़ हैं। कई अलग-अलग संगठन शिक्षाकर्मियों के बने हुए हैं जो कि समय समय पर अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं। लेकिन संविलियन के मुद्दे को लेकर पिछले दिनों उक्त सभी संगठन ने एकजुटता दिखाई थी। जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है।


चला बधाई का दौर
दोपहर में संविलियन के प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दिलाने की घोषणा होने के बाद शिक्षाकर्मी एक दूसरे को बधाई देते हुए नजर आए। वहीं कई जगह तो शिक्षाकर्मी संघ ने मांगों के पूरा होने को लेकर खुशी जताई गई। कुछ पदाधिकारियों का कहना है कि अब शिक्षकों के बीच अंतर नहीं होगा। इससे उन्हें भी समान भाव और पद मिलेगा।

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Published on:
11 Jun 2018 03:56 pm
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