विकास कार्य कराने के लिए निगम के पास फंड नहीं
रायगढ़. टॉपिक ऑफ द डे में वार्ड क्रमांक 25 में रूके हुए विकास कार्यों को लेकर चर्चा की गई। इस चर्चा में शामिल होने के वार्ड पार्षद संदीप क्षत्रिय पहुंचे थे। पार्षद संदीप क्षत्रिय का कहना था कि अपने मद से शहर में विकास कार्य कराने के लिए निगम के पास फंड नहीं है। वहीं जब फंड जिला प्रशासन से मिल रही है तो निगम के अधिकारियों से ड्राइंग डिजाइन भी सही तरीके से नहीं बन रहा है। इससे बालसमुंद के पुलिया का काम पिछले कई वर्षों से लटका है।
इसके अलावा बुनियादी सुविधाएं भी नहीं है। उनका कहना था कि वार्ड के बाल समुंद मोहल्ला में रहने वाले लोगों के लिए आने-जाने के लिए एक मात्र साधन पुलिया है, जो मौजूदा समय में काफी जर्जर अवस्था में है।
वहीं पुलिया की हाइट काफी छोटी हो गई है। इसके अलावा यह काफी सकरी भी है। इसके नव निर्माण के लिए तीन साल पहले ही प्रस्ताव दिया गया था। पहले तो निगम फंड का हवाला देते हुए निर्माण में आनाकानी करती रही। इस समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अन्य मद से फंड स्वीकृत की। वहीं जब निर्माण के पूर्व पुलिया के ड्राइंग डिजाइन का अवलोकन अन्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा किया गया तो इसमें काफी खामियां उजागर हुई।
ऐसे में ड्राइंग डिजाइन को रद्द कर दिया गया। अब नया ड्राइंग डिजाइन भी नहीं बनाया जा रहा है। इससे निर्माण कार्य लटका हुआ है। वहीं उन्होंने बताया कि इसी तरह की हालत तालाबों को लेकर है। वार्ड में दो तालाब है।
वहीं वार्ड पिछड़ा होने की वजह से अभी भी क्षेत्र के लोग तालाब पर ही निस्तारी करते हैं। स्थिति यह है कि यह दोनों तालाब की गहराई काफी कम है। ऐसे में जनवरी से ही तालाब सुखना शुरू हो जाता है और फरवरी तक तालाब का पानी पूरी तरह से सूख जाता है।
इन दोनों तालाबों को गहरीकरण व सौन्दर्यीकरण के लिए कई आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक इन आवेदनों पर कार्य नहीं किया गया। इससे तालाब की स्थिति काफी खराब है। इसके अलावा सड़क व नाली के निर्माण का भी अभाव बना हुआ है।