- ट्रक की बॉडी से ठोकर लगने की वजह से दंपती दूर जा छिटके
रायगढ़. एक बार फिर ढिमरापुर चौक उर्दना मार्ग के पास एक ट्रक के चालक ने बाइक सवार दंपती को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि बाइक ट्रक के बीच पहियों में जाकर फंस गई। जबकि ठोकर लगने से दंपती दूर छिटक गए जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि इस घटना में पति के पैर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आ रही है, जबकि उसकी पत्नी को भी चोट आई है, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के बरलिया निवासी दंपती 13 अप्रैल की सुबह किसी काम से बाइक में सवार होकर रायगढ़ आए हुए थे। सुबह करीब 9.30 बजे ढिमरापुर चौक उर्दना मार्ग पर सामने से आ रहे ट्रक के चालक ने तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए इनकी बाइक को ठोकर मार दी। चूंकि ट्रक की बॉडी से ठोकर लगने की वजह से दंपती दूर जा छिटके, लेकिन उनकी बाइक ट्रक के बीच पहियों के नीचे आकर दब कर क्षतिग्रस्त हो गई।
इस घटना में दंपती की जान तो बच गई, लेकिन पति के पैर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आ रही है। वहीं उसकी पत्नी के भी शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट लगी है। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ इक_ी हो गई और आक्रोशित लोगों ने ट्रक चालक को पकड़ कर उसके साथ हाथापाई भी की।
तत्काल पहुंची पीसीआर वैन
सुबह करीब 9.40 बजे स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पीसीआर वैन में पदस्थ प्रधान आरक्षक राजेन्द्र राठौर को दी। सूचना मिलते ही पीसीआर वैन घटना स्थल पहुंची। इसके बाद राजेन्द्र राठौर ने उग्र लोगों को किसी तरह समझाइश देते हुए चालक को उनके चंगुल से छुड़ाया और सीधे कोतवाली लाकर चालक को पुलिस के सुपुर्द किया। वहीं प्रधान आरक्षक राठौर ने खुद ही ऑटो किराए में लेकर घायल दंपती को जिला अस्पताल इलाज के लिए पहुंचाया। इस पूरे मामले में कोतवाली पुलिस की कोई सक्रियता नहीं दिखी। कंट्रोल रूम में प्वाइंट चलने के बाद भी कोतवाली पुलिस घंटों बाद मौके पर पहुंची। तब तक मामला ही शांत हो गया था। वहीं घटना के संबंध में जब कोतवाली पुलिस से जानकारी ली गई तो उनके द्वारा घायलों का नाम और निवास तक पता नहीं होने की बात कही गई।
नहीं तो चली जाती दो जानें
2017-18 की बात करें तो ढिमरापुर मार्ग में आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान भारी वाहन की चपेट में आकर जा चुकी है। लोगों ने कई बार उग्र प्रदर्शन भी किया है और चक्काजाम भी हुई है। इसके बाद भी उक्त मार्ग में भारी वाहनों की रेलमपेल समाप्त नहीं हुई। इधर लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और पुलिस सिर्फ समझाइश देने पहुंच जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना में भी अगर ट्रक की बॉडी से दंपती को ठोकर नहीं लगती तो वे पहियों के नीचे आ जाते और फिर से एक बार दो लोगों की जान चली जाती।