फरियादी बन कर किसी भी चौक चौराहें पर पहुंच रहे
रायगढ़. रात के समय शहर पुलिस की चौकसी की खोज-खबर लेने के लिए अब सीएसपी, दल-बल व गाड़ी से नहीं बल्कि फरियादी बन कर किसी भी चौक चौराहें पर पहुंच रहे हैं। मंगलवार की देर रात भी कुछ ऐसा हुआ। जब टी-शर्ट व लोवर में साइकिल पर सवार सीएसपी को उनके अधिनस्थ जवान नहीं पहचान सके।
इस बीच उनसे एक पीडि़त मिल गया। जिसे बाइक चोरी के मामले में कोतवाली पुलिस ने थाने से बगैर शिकायत लिए लौटा दिया था। पीडि़त के साथ सीएसपी कोतवाली पहुंचे। जहां पीडि़त को आगे कर खुद को पीछे रखा। वहीं कोतवाली में पदस्थ एसआई के फरियादी के प्रति रवैये को देखा। उसके बाद सामने आकर जमकर फटकार लगाई। जिसका नतीजा यह हुआ कि चोरी हुई बाइक 12 घंटे के अंदर बरामद हो गई। जिसकी सूचना पीडि़त को फोन कर के दी गई।
जूटमिल चौकी क्षेत्र के करीब चौक के करीब मंगलवार की देर रात करीब 1.30 बजे एक रेसर साइकिल पर सवार होकर एक युवक आया। लोअर व टी-शर्ट, सिर पर हेलमेट पहने हुए युवक ने कहा।
साहब, साहब... अभी कोई बाइक वाला तेजी से इस रास्ते गुजरा है क्या, वो मेरे मोबाइल छीन कर ले भागा है। पुलिस जवानों ने कहा नहीं। यहां से कोई नहीं गुजरा है। फरियादी बन कर पुलिस के जवानों से अपनी गुहार लगाने वाला यह शख्स कोई आम व्यक्ति नहीं बल्कि सीएसपी सिद्धार्थ तिवारी थे। इस बीच सीएसपी तिवारी की नजर, पुलिस के पास मौजूद दो युवकों पर पड़ी। देर रात उनकी मौजूदगी पर सीएसपी ने पूछा कि आपलोग कौन हो और यहां क्या कर रहे हैं।
युवकों ने बताया कि उनकी बाइक चोरी हो गई है। कोतवाली में रात 9 बजे गए थे तब एसआई प्रहलाद राठौर ने यह कहते हुए शिकायत लिखने से मना कर दिया कि अभी खुद से बाइक खोज लो। नहीं मिले तो सुबह आ जाना।
पीडि़त को भेजा आगे, खुद थे खड़े थे पीछे
पीडि़त के प्रति कोतवली पुलिस के इस रवैये पर सीएसपी तिवारी साइकिल से ही कोतवाली के लिए रवाना हुए। पीडि़त को भी अपने साथ ले गए। सीएसपी के कहे अनुसार पीडि़त कोतवाली पहुंच कर फिर से बाइक चोरी की शिकायत को दर्ज करने की जिद करने लगा। इसपर एसआई प्रहलाद ने उसे फिर फटकार लगाते हुए सुबह आने को कहा।
एसआई की बातों को पीछे खड़े होकर सीएसपी सुन रहे थे। कुछ देर बाद जब सीएसपी सामने आए तो पुलिसवाले हैरान हो गए। सीएसपी तिवारी ने एसआई राठौर को जमकर फटकार लगाई।