- मेडिकल कॉलेज के एनएम को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर सभी नर्सिंग स्टाफ ने खुशी व्यक्त की है।
रायगढ़. नर्सिंग क्षेत्र के सबसे बड़े फ्लोरेंस नाइटेंगिल पुरस्कार से रायगढ़ मेडिकल कालेज के एक नर्स को नर्स डे पर राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान बहुत ही कम लोगों को नसीब होता है। रायगढ़ जिले में पहली बार नर्सिंग सेक्टर में अपनी बेहतर सेवा के लिए एक नर्स को यह पुरस्कार दिया जा रहा है।
रायगढ़ मेडिकल कालेज अस्पताल में काम करने वाली जाहिदा खान को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है. शनिवार को राष्ट्रपति द्वारा उन्हें राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटएंगल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के एनएम को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर सभी नर्सिंग स्टाफ ने खुशी व्यक्त की है। नर्सिंग सेवा में सालों गुजारने के बाद भी राष्ट्रीय फ्लोरेंस पुरस्कार सभी को नसीब नहीं होता है। खुद रायगढ़ जिले में अभी तक किसी नर्स, एनएम को नर्सिंग सेवा का यह सबसे बड़ा सम्मान हासिल नहीं हुआ है। यह सम्मान जिले को पहली बार मिला है।
38 साल गुजार दिए मरीजों की सेवा में
अपनी जिंदगी के 38 साल नर्सिंग सेवा में गुजार चुकी जाहिदा खान ने बताया कि उनका जन्म रायगढ़ में ही हुआ, यही प्रारंभिक शिक्षा हासिल की, फिर उच्च शिक्षा और बाद में जिला अस्पताल में संचालित नर्सिंग प्रशिक्षण सेंटर से ट्रेनिंग हासिल की। जहां से पहली नियुक्ति लोइंग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई।
इसके बाद एलएचवी का प्रशिक्षण जबलपुर से हासिल किया और उसके बाद पुसौर में एलएचवी के पद पर नियुक्ति हुई। इसके बाद जिले के अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी सेवाएं दी। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में एलएचवी के पद पर कार्यरत हैं. जाहिदा खान ने बताया कि वह 1981 से नर्सिंग सेवा में काम कर रही है।
आज राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित
हर साल नर्स डे पर राष्ट्रपति द्वारा फ्लोरेंस नाईटएंगल पुरस्कार दिया जाता है। इस साल 35 लोगों के नाम इस सूची में शामिल किया गया था। इनमें प्रदेश से इकलौता नाम रायगढ़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में काम करने वाली जाहिदा खान को दिया गया है.
प्रबंधन की तरफ से भेजे गए थे दो नाम
बेहतर नर्सिंग सेवा के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज की तरफ से दो महिला नर्सों के नाम सुझाए गए थे। जिनमें जाहिदा खान के अतिरिक्त कैजुएल्टी इंचार्ज अर्चना गुलाब के नाम शामिल था, लेकिन इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा नर्सिंग सेवा में उनका योगदान कम बताया गया।