रायपुर

रायपुर का ‘ब्लू वाटर’ बना मौत का कुआं! 2017 से अब तक 10 युवाओं की गई जान, देखें कब कब हुआ हादसा

Raipur Blue Water: रायपुर का ब्लू वाटर खदान लगातार युवाओं की जान ले रह है। 2017 से अब तक 10 की डूबने से मौत हो गई है। लगातार हादसों के बावजूद जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं..
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Updated: 21 Aug 2026, 12:53 PM IST
Blue water news,
मृतक आदिल खान ( Photo - Patrika )

Chhattisgarh Blue Water: रायपुर के ब्लू वाटर खदान में डूबे युवक का शव अभी तक नहीं मिला है। 36 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी SDRF की टीम के हाथ खाली हैं। बता दें कि मौदहापारा निवासी आदिल खान बुधवार को तीन दोस्तों के साथ यहां घूमने पहुंचा था। यहां तैरकर ब्लू वाटर खदान पार करने की शर्त लगाने के बाद गहरे पानी में डूब गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें युवक पानी में डूबते हुए नजर आ रहा है।

Raipur Blue Water: 400 ​फीट की गहराई में 60 फीट तक पहुंची टीम

इधर शव की तलाश में जुटी SDRF को पानी की गहराई ज्यादा होने के कारण परेशानी हो रही है। बता दें कि खदान की गहराई 400 ​फीट तक है। वहीं SDRF की टीम सिर्फ 60 फीट तक ही पहुंच पाई। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि युवक का शव इससे नीचे चला गया है। आज शुक्रवार सुबह से ​टीम एक बार फिर खदान में उतरकर तलाशी अभियान शुरू किया।

अब तक 10 मौत

ब्लू वाटर खदान माना थाना क्षेत्र के नकटी गांव के पास स्थित है। वहीं ब्लू वाटर खदान में 9 साल में 9 मौतें ब्लू वाटर खदान में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। उपलब्ध घटनाओं के मुताबिक 2017 से अब तक यहां 9 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। आदिल का शव बरामद होने पर 2017 से अब तक ब्लू वाटर में डूबने से मौतों का आंकड़ा 10 हो जाएगा। वहीं मृतकों की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच ही है।

कब कब हुआ हादसा, देखें तारीख

31 अक्टूबर 2025 को टाटीबंध के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के 9 बच्चे स्कूल बंक कर यहां पहुंचे थे। नहाने के दौरान जयेश साहू और मृदुल गहरे पानी में डूब गए थे। दोनों के शव अलग-अलग दिनों में मिले थे। इससे पहले 2017 में 17 वर्षीय सुनैना, मई 2019 में 17 वर्षीय मोहन बाघ, मार्च 2023 में दो युवक और जून 2023 में नदीम, फैजल व शहबाज की डूबने से मौत हुई थी।

खदान का पानी साफ और नीला, इसलिए कहने लगे ब्लू वाटर खदान

खदान का पानी हमेशा नीला और साफ दिखाई देता है, इसलिए लोग इसे ब्लू वाटर खदान बोलने लगे। सुरक्षा इंतजामों पर उठ रहे सवाल बारिश के बाद खदान में पानी भरने से यह जगह तालाब जैसी नजर आती है। इसके चलते लोग यहां घूमने और नहाने पहुंचते हैं। लगातार हादसों के बावजूद खदान के खतरनाक हिस्सों की पर्याप्त घेराबंदी और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर सवाल उठते रहे हैं।

Updated on:
21 Aug 2026, 12:53 PM IST
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