रायपुर

कांग्रेस के 13 विधायकों ने मकान लेने से किया इनकार, नकटी में विधायक आवास का विरोध तेज, दीपक बैज का बड़ा बयान

Nakti MLA Housing Protest: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया कि कांग्रेस के 13 विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नकटी में विधायक आवास लेने से इनकार कर दिया है।
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Jul 04, 2026
MLA Housing Project
कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन (photo source- Patrika)

Raipur Nakti Gaon: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नकटी में विधायक आवास बनाने का विरोध किया है। बैज ने कहा कि उनके आह्वान पर कांग्रेस के 13 विधायकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर योजना का विरोध किया और नकटी में प्रस्तावित विधायक आवास लेने से इनकार किया है।

बैज (Deepak Baij) ने भाजपा विधायकों की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए, विशेषकर स्थानीय विधायकों राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, खुशवंत साहेब और इंद्र कुमार साहू की चुप्पी पर। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक भी नकटी में आवास लेने से इनकार करने का साहस दिखाएं।

Nakti MLA Housing Controversy: विस्थापितों ने मंत्री चौधरी का बंगला घेरा

नकटी के विस्थापितों ने शुक्रवार को मंत्री ओपी चौधरी के निवास पर पहुंचकर हंगामा किया। महिलाओं ने मंत्री के आवास में घुसने का प्रयास किया। विस्थापित देर रात तक मंत्री बंगले के बाहर बैठकर नारेबाजी करते रहे। यहां बात नहीं बनी तो सभी रात करीब 9.30 सीएम हाउस के पास धरना देने लगे। नकटी गांव के 85 प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे व शहर जिलाध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में प्रभावित परिवार कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे।

उनकी मांग थी कि प्रभावितों को उसी गांव में 2,000 वर्गफीट भूमि उपलब्ध कराई जाए तथा जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं उन्हें मुआवजा दिया जाए। घंटों इंतजार के बाद जब कोई अधिकारी चर्चा के लिए नहीं आया तो यह लोग मंत्री चौधरी के निवास पर पहुंच गए।

85 मकान तोड़े जाने पर कांग्रेस का विरोध

कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार ने बरसात के मौसम में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर गरीब परिवारों को बेघर कर दिया। पार्टी का कहना है कि ऐसे समय में जब लगातार बारिश हो रही है, लोगों के घरों को तोड़ना संवेदनहीन और अमानवीय कदम है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने सिर छिपाने की जगह तक नहीं बची है। साथ ही उनके सामने रोजी-रोटी और बच्चों की पढ़ाई जैसी गंभीर समस्याएं भी खड़ी हो गई हैं।

Nakti Village: नकटी मामला बना सियासी मुद्दा

नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब प्रशासनिक मुद्दे से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। एक ओर सरकार इसे अतिक्रमण हटाने की नियमित कार्रवाई बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे गरीबों के अधिकारों और पुनर्वास से जुड़ा मुद्दा बताते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन के जरिए सरकार को घेरने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की राजनीति में और गर्माने की संभावना है।

Published on:
04 Jul 2026 10:04 am