Indian Railways Update: छत्तीसगढ़ में अकलतरा स्टेशन पर चल रहे कार्य के कारण रद्द की गई 14 ट्रेनों को फिर से बहाल किया गया है।
Indian Railways Update: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में चल रहे अधोसंरचना कार्यों के बीच यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए किए जा रहे नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के कारण पहले जिन 14 ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द किया गया था, अब उन्हें पुनः बहाल किया जा रहा है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे रायपुर, गेवरा रोड, बिलासपुर, रायगढ़, झारसुगुड़ा और गोंदिया जैसे प्रमुख मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी नागपुर मंडल से होकर गुजरने वाली चार प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों को पुनः शुरू किया जा चुका है। इन ट्रेनों को गोंदिया स्टेशन पर चल रहे तकनीकी कार्यों के चलते अस्थायी रूप से रद्द किया गया था। यहां प्लेटफॉर्म नंबर 3 की लाइन नंबर 5 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर उसे बैलास्टेड ट्रैक में परिवर्तित करने का कार्य किया जा रहा था, जिसके कारण ट्रेन संचालन प्रभावित हुआ था।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी का कार्य पूरा होने से भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही और अधिक सुगम एवं तेज हो सकेगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। इसी के साथ रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले ट्रेनों की अद्यतन स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। इसके लिए NTES/139 जैसी अधिकृत सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
ट्रेनों के रद्द होने से लंबी दूरी के यात्रियों के सामने यात्रा की योजना बदलने की चुनौती खड़ी हो गई है। विशेषकर वे यात्री जो पहले से टिकट बुक कर चुके हैं, उन्हें अब वैकल्पिक ट्रेनों या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। रेलवे द्वारा यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जांच अवश्य करें।
भारतीय रेलवे समय-समय पर ट्रैक और प्लेटफॉर्म के रखरखाव के लिए ब्लॉक लेता है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि ऐसे कार्यों के दौरान ट्रेन सेवाओं पर अस्थायी असर पड़ता है, लेकिन लंबे समय में यह सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी होता है।