रायपुर

छत्तीसगढ़ के 160 आदिवासी गांवों के लिए बड़ा फैसला, हर ग्रामसभा को मिलेंगे 15 लाख रुपए, कलेक्टरों को पत्र जारी

Chhattisgarh Tribal Villages: छत्तीसगढ़ सरकार ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के 160 आदिवासी गांवों के विकास और सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण के लिए बड़ा फैसला लिया है।
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Jul 31, 2026
Gram Sabha Fund
160 आदिवासी गांवों को 15-15 लाख (फोटो सोर्स- AI)

रायपुर@राहुल जैन। Dharti Aaba Janjatiya Gram Utkarsh Abhiyan: अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के 160 ग्रामों का चयन करेगी। इन ग्रामों में सामुदायिक वन संसाधन (सीएफआर) के संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन के लिए सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन योजना (सीएफआरएमपी ) तैयार कर लागू की जाएगी।

अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामसभा को सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए 15 लाख रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

आदिम जाति विभाग ने कलेक्टरों को जारी किया पत्र

आदिम जाति विभाग द्वारा कलेक्टरों को लिखे पत्र में कहा गया है कि योजना के तहत प्रत्येक चयनित ग्रामसभा में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा, जो ग्रामसभा के माध्यम से योजना के क्रियान्वयन और संचालन की जिम्मेदारी निभाएगी। इसके लिए ग्रामसभा के नाम पर राष्ट्रीयकृत बैंक में सिंगल करंट अकाउंट भी खोला गया है। पत्र के माध्यम से कहा गया है कि राज्य सरकार ने जिलों से ऐसे 160 गांवों का चयन क्लस्टर आधारित और परस्पर जुड़े क्षेत्र के आधार पर प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं, ताकि योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

अन्य संस्थाओं की भी लेंगे सेवा

पत्र में कहा गया है कि योजना के प्रभावी संचालन के लिए राज्य सरकार तकनीकी सहयोगी, सिविल सोसायटी संगठनों तथा स्थानीय संस्थाओं की सेवाएं भी ले सकेंगी। इन संस्थाओं की सेवाएं ग्रामसभा के प्रस्ताव एवं विधिवत अनुमोदन के बाद ली जा सकेंगी। ये संस्थाएं ग्रामसभा को सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना तैयार करने, उसके क्रियान्वयन तथा निगरानी में सहयोग देंगी।

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत राज्य सरकार का यह कदम आदिवासी गांवों को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और आजीविका संवर्धन के लिए ग्रामसभाओं को सीधे वित्तीय सहायता और जिम्मेदारी मिलने से स्थानीय भागीदारी बढ़ेगी तथा वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को भी मजबूती मिलेगी।

Updated on:
31 Jul 2026 10:09 am
Published on:
31 Jul 2026 10:09 am