
E Kyc Update News: सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने वाले अन्त्योदय, बीपीएल, एपीएल एवं निशक्तजन हितग्राहियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। जिले में 27 हजार 371 हितग्राहियों ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। अंतिम अवसर 15 जुलाई तक है। इसके बाद ई-केवाईसी नहीं कराने पर आगामी माह से राशन में कटौती कर दी जाएगी।
खाद्य विभाग ने सभी राशन दुकानदारों को उन सदस्यों की जानकारी पांच अलग-अलग कॉलम में देने के निर्देश दिए हैं, जिनका ई-केवाईसी नहीं हुआ है। जिले में कुल 2 लाख 42 हजार 232 राशन कार्डधारी मुखिया उपभोक्ता हैं, जिनके 8 लाख 99 हजार सदस्य हैं। इनमें अंत्योदय, बीपीएल, एपीएल, निशक्तजन व निराश्रित उपभोक्ता शामिल हैं।
अधिकांश बीपीएल और एपीएल वर्ग के हितग्राहियों का ई-केवाईसी लंबित है। ई-केवाईसी न होने के प्रमुख कारणों में 55 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति है, जिनका आधार नहीं बना है। निशक्तजन जिनका आधार नहीं बन पाया है। मृत हितग्राही, पलायन कर चुके लोग एवं 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे जिनका आधार पंजीयन नहीं हुआ है, शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीपीएल परिवार के जिस सदस्य का ई-केवाईसी नहीं होगा, उसका राशन काट दिया जाएगा।
एपीएल राशन कार्ड में एक भी सदस्य का ई-केवाईसी लंबित रहने पर पूरे कार्ड पर राशन नहीं मिलेगा। सभी लंबित हितग्राहियों से अपील है कि वे राशन दुकान, च्वाइस सेंटर या मोबाइल ऐप के माध्यम से 15 जुलाई तक ई-केवाईसी अवश्य करवा लें।
खाद्य विभाग ने ई-केवाईसी लंबित रहने के पीछे कई प्रमुख कारण बताए हैं। इनमें शामिल हैं—
55 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे लोग जिनका आधार कार्ड नहीं बना है।
निशक्तजन, जिनका आधार पंजीयन अभी तक नहीं हो पाया।
मृत हितग्राहियों के नाम अब भी राशन कार्ड में दर्ज होना।
पलायन कर चुके परिवारों के सदस्य।
5 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे बच्चे, जिनका आधार पंजीयन नहीं हुआ है।
नहीं कराया ई-केवाईसी तो क्या होगा?
खाद्य विभाग ने सभी लंबित हितग्राहियों से 15 जुलाई तक अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी कराने की अपील की है। इसके लिए हितग्राही निम्न माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं—
उचित मूल्य (राशन) दुकान
च्वाइस सेंटर
मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई-केवाईसी