
रायपुर. चार राज्यों में रेल पटरी चुराने वाले विनोद राज चौहान उर्फ विनोद मराठा और उसके साथी रानू मिश्रा को बुधवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। उसे मंदिरहसौद पुलिस ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान सरोरा की एक कंपनी में चोरी की पटरी बेचने का खुलासा किया है। इससे पहले आरोपी ने सिलतरा की दो कंपनियों में रेल पटरियां बेचने का खुलासा किया था।
उल्लेखनीय है कि करीब दो साल पहले मंदिरहसौद के नवागांव के पास 350 से अधिक रेल पटरियां चोरी हो गई थी। इसमें विनोद मराठा और उसके साथियों का हाथ था। हालांकि पुलिस ने उस समय अज्ञात में अपराध दर्ज किया था। नागपुर आरपीएफ की गिरफ्त में आने के बाद विनोद ने रेल पटरी चुराने का खुलासा किया था। इसके बाद मंदिरहसौद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। दो दिन की पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे न्यायाधीश पंकज आलोक तिर्की के कोर्ट में पेश किया, जहां से विनोद और रानू को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कई फैक्ट्रियों में खपा चोरी का लोहा
पुलिस के मुताबिक विनोद ट्रांसपोर्टर है और कई इस्पात फैक्ट्रियों से लोहा-सरिया सप्लाई का काम चलता था। इस दौरान उसने अपना गिरोह बनाया और लोहा चोरी करना शुरू कर दिया। उसने सबसे ज्यादा रेलवे पटरियों की चोरी की। रेलवे पटरी को काटकर ट्रक में भरवाता था। इसके बाद सीधे इस्पात संयंत्र को बेच देता था। सिलतरा और सरोरा की कई फैक्ट्रियों में माल बेचा है। उसके खुलासा के बाद आधा दर्जन फैक्ट्रियों के संचालक फरार हो गए हैं। पुलिस ने उनके मैनेजरों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है।