रायपुर

छत्तीसगढ़ में 45 लाख गाड़ियों का इंश्योरेंस नहीं हुआ रिन्यू, सबसे ज्यादा दोपहिया चालक लापरवाह

Road Safety News: छत्तीसगढ़ में 45 लाख से अधिक वाहन बिना वैध बीमा (इंश्योरेंस) के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग के अनुसार, 50% से ज्यादा वाहन मालिक बीमा रिन्यूअल नहीं कराते, जिनमें सबसे अधिक दोपहिया वाहन शामिल हैं। जानिए इसके कानूनी और आर्थिक जोखिम।
2 min read
Jul 23, 2026
Vehicle Insurance Renewal
बिना बीमा के दौड़ रहे 45 लाख वाहन (photo source- Patrika)

राकेश टेंभुरकर/Vehicle Insurance Renewal: गाड़ी नई हो तो बीमा का कवर रहता है, लेकिन जैसे-जैसे वाहन पुराना होता जाता है, लोग उसकी सबसे जरूरी सुरक्षा यानी 'इन्श्योरेंस' (बीमा) को ही भूल जाते हैं। प्रदेश की सड़कों पर इस समय 50 फीसदी से ज्यादा वाहन बिना किसी वैध बीमा कवर के दौड़ रहे हैं। वाहन मालिक खरीदी के समय तो बीमा करा लेते हैं, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण (रिन्यूअल) नहीं कराते।

परिवहन विभाग और बीमा कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में इस समय करीब 45 लाख से अधिक वाहन चालक ऐसे हैं, जो दोबारा बीमा ही नहीं कराते। इनमें सबसे बड़ी संख्या दोपहिया वाहन चालकों की है। लोग केवल फिटनेस, पीयूसी (प्रदूषण प्रमाण पत्र) या क्लेम लेने जैसी मजबूरी या खानापूर्ति के समय ही बीमा याद करते हैं।

देशभर में 16.5 करोड़ गाड़ियां बिना कवर के

राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस के अनुसार, देशभर में लगभग 16.5 करोड़ वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। यह भारतीय सड़कों पर दौड़ रहे कुल वाहनों का 44 से 54 प्रतिशत हिस्सा है। इसी लापरवाही को देखते हुए केंद्र सरकार ने नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत नए वाहनों की बिक्री पर अब एक साथ 4 साल का बीमा पैकेज (पहले साल फर्स्ट पार्टी और अगले 3 साल थर्ड पार्टी बीमा) अनिवार्य कर दिया गया है।

हादसा या प्राकृतिक आपदा आने पर जेब से भरना पड़ता है भारी हर्जाना

वाहन के प्रकार

दोपहिया -- 74.80 लाख
तीनपहिया -- 1.26 लाख
कार -- 4.42 लाख
कर्मशियल वाहन --6.15

अन्य वाहन -- 5.13 लाख

कुल वाहन -- 9575343

क्यों जरूरी है बीमा?

दुर्घटना, वाहन चोरी या प्राकृतिक आपदा (बाढ़, तूफान आदि) होने पर बीमा कंपनी गाड़ी के मूल्यांकन के आधार पर क्लेम की राशि देती है। बीमा न होने पर सारा आर्थिक बोझ और कानूनी जिम्मेदारी सीधे वाहन मालिक पर आ जाती है।

Chhattisgarh Transport: बिना बीमा पकड़े गए तो 10 हजार तक का जुर्माना

मोटर वाहन अधिनियम के तहत सार्वजनिक सड़कों पर चलने वाली हर गाड़ी के लिए कम से कम 'थर्ड-पार्टी बीमा' होना बेहद अनिवार्य है। ऐसा न करने पर कड़े जुर्माने का प्रावधान है। पहली बार पकड़े जाने पर 2000 रुपए का जुर्माना, बार-बार उल्लंघन पर 10000 रुपए तक का जुर्माना या सजा का प्रावधान। बीमा समाप्त होने पर किसी भी कानूनी अड़चन और भारी आर्थिक नुकसान से बचने के लिए इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन तुरंत रिन्यू कराया जा सकता है।

टॉपिक एक्सपर्ट

हादसा होने पर थाने में सबसे पहले वाहन के दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस जांचे जाते हैं। बिना बीमा वाहन चलाने पर सीधे कानूनी कार्रवाई होती है-डी. रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त

बीमा सिर्फ चालान से बचने का जरिया नहीं, बल्कि आपदा के समय आपकी गाढ़ी कमाई को बचाने की ढाल है। पॉलिसी खत्म होने से पहले ही रिन्यू कराएं-अमर सिंह पंडेल, सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर

Updated on:
23 Jul 2026 08:21 am
Published on:
23 Jul 2026 08:21 am