रायपुर

Raipur Drug Syndicate: नशे के सौदागर… ड्रग्स सिंडिकेट चलाने वाले गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार, 57 लाख की हेरोइन जब्त

Crime News: राजधानी में एक और ड्रग्स सिंडीकेट बेनकाब हुआ है। इसमें शामिल दो युवतियों सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें पति-पत्नी मास्टरमाइंड हैं।
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Aug 23, 2025
नशे के सौदागर (फोटो सोर्स- पत्रिका)
नशे के सौदागर (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Raipur Drug Syndicate: राजधानी में एक और ड्रग्स सिंडीकेट बेनकाब हुआ है। इसमें शामिल दो युवतियों सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें पति-पत्नी मास्टरमाइंड हैं। बाकी चार ड्रग्स पैडलर के तौर पर काम करते थे।

आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुआ है। इसकी कीमत 50 लाख से अधिक है। इस सिंडिकेट का कनेक्शन भी पंजाब के ड्रग्स माफियाओं से है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में ड्रग्स कंज्यूमरों के मोबाइल नंबर मिले हैं। करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन भी मिला है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि हीरापुर में हेरोइन बिक्री की सूचना मिली थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच और कबीर नगर पुलिस की टीम ने वीर सावरकर नगर, जरवाय तालाब के पास स्थित मकान और आरडीए. कॉलोनी में एकसाथ छापा मारा।

मौके से मनमोहन सिंह संधू उर्फ जग्गू और उसकी पत्नी जसप्रीत कौर उर्फ बॉबी, विजय मोटवानी उर्फ अमन, नितिन पटेल व दिव्या जैन को पकड़ा गया। इसके बाद कोतवाली इलाके से प्रवीण शर्मा उर्फ सूरज को भी पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से कुल 273.19 ग्राम हेरोइन बरामद हुआ। इसका खुदरा मूल्य 75 लाख रुपए बताया गया है। आरोपियों के खिलाफ कबीर नगर थाना और कोतवाली थाना में अपराध दर्ज किया है।

Raipur Drug Syndicate: पति-पत्नी चलाते थे काला कारोबार

नशे के इस गोरखधंधे का सरगना मनमोहन और उसकी पत्नी जसप्रीत है। मनमोहन पंजाब के ड्रग्स माफियाओं से जुड़ा हुआ है। ट्रांसपोर्टिंग के जरिए उसके पास हेरोइन पहुंचती है। विजय मोटवानी और प्रवीण शर्मा उसके बड़े ड्रग्स पैडलर है। मनमोहन दोनों को हेरोइन सप्लाई करता था। हेरोइन कंज्यूमरों तक पहुंचाने का काम नितिन पटेल और दिव्या का था। मनमोहन और उसके पैडलर साथियों के बैंक खातों में करोड़ों का ट्रांजेक्शन मिला है। पुलिस पंजाब के ड्रग्स माफिया की भी तलाश कर रही है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।

घर पहुंच सेवा भी

ड्रग्स कंज्यूमरों से आर्डर मिलने पर विजय और प्रवीण क्यूआर कोड भेजते थे। कंज्यूमर जैसे ही पैसा जमा करते थे, वैसे उन्हें हेरोइन जिस जगह पर छोड़ते थे, वहां का वीडियो-फोटो उन्हें भेज देते थे। उस जगह से कंज्यूमर अपना माल उठा लेता था। कई लोगों को ड्रग्स पैडलर विजय मोटवानी घर पहुंच सेवा भी देता था।

Updated on:
23 Aug 2025 10:55 am
Published on:
23 Aug 2025 10:55 am