
CGPSC Recruitment: @ अनुराग सिंह। शासकीय महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने के सरकारी दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। राज्य के सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया पिछले पांच वर्षों से लटकी हुई है, जो दस्तावेज सत्यापन के बाद साक्षात्कार (इंटरव्यू) पर आकर अटक गई है। वहीं, नई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती को एक साल पहले वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बावजूद फाइलें विभाग में ही घूम रही हैं। प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 625, ग्रंथपाल के 50 और क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों (कुल 700 पद) पर भर्ती की जानी है।
वित्त विभाग ने एक साल पहले ही इसके लिए हरी झंडी दे दी थी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती का प्रारूप छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) को भेजा था, लेकिन जानकारों के मुताबिक विज्ञापन का वह प्रारूप अधूरा था। फरवरी में पीएससी ने विज्ञापन की खामियों को ठीक करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखा था। पिछले 6 महीनों से विभाग की ओर से कोई जवाब न मिलने के कारण प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है। भर्ती में हो रही इस देरी के कारण पीएचडी, नेट और सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थी बिना नौकरी के भटक रहे हैं और कई अभ्यर्थी ओवरएज हो रहे हैं।
स्वीकृत 700 पदों में वाणिज्य विषय के सबसे अधिक 75 पदों पर भर्ती होगी। इसके अलावा हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र और प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों पर भर्ती होनी है। वहीं अर्थशास्त्र, इतिहास और भूगोल के 25-25 पद, कंप्यूटर एप्लीकेशन के 15, विधि (लॉ) के 10 पद, क्रीड़ा अधिकारी के 25 और ग्रंथपाल के 50 पद शामिल हैं।
प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसरों के 595 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया पिछले 5 सालों से अटकी हुई है। वर्ष 2018 में इसके लिए सेवा नियम बनाए गए थे और 2021 में विज्ञापन जारी किया गया था। शुरुआती विवादों के बाद लगभग 1,533 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) एक साल पहले पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक इंटरव्यू की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के विज्ञापन में कुछ संशोधन किए जाने थे। पीएससी द्वारा मांगी गई सभी जानकारियों और आपत्तियों का जवाब भेज दिया गया है। इसके साथ ही प्रोफेसर भर्ती के इंटरव्यू का प्रस्ताव भी पीएससी को भेजा जा चुका है और यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।अधिकारियों का पक्ष
-रीता यादव, आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग