Raipur IPL Betting: IPL और T-20 वर्ल्डकप के दौरान रायपुर समेत छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। 100 से ज्यादा वेबसाइट और ऐप के जरिए करोड़ों का सट्टा अब भी जारी है।
Cricket Betting App: आईपीएल और टी-20 वर्ल्डकप के दौरान रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है। पुलिस ने पिछले चार महीनों में कार्रवाई करते हुए 5 राज्यों से 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इसके बावजूद सट्टा सिंडिकेट का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी का यह नेटवर्क पांच अलग-अलग लेयर में संचालित हो रहा है। इसमें स्थानीय स्तर पर आईडी उपलब्ध कराने वाले एजेंट, मास्टर एजेंट, ऑनलाइन पैनल ऑपरेटर और दूसरे राज्यों या विदेशों से नेटवर्क संचालित करने वाले मुख्य सरगना शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस की जांच फिलहाल सिंडिकेट के तीसरे लेयर तक ही पहुंच पाई है। वहीं बड़े ऑपरेटर अब गोवा, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों से इस पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहे हैं।
रायपुर समेत प्रदेशभर में 100 से ज्यादा वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाया जा रहा है। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए खिलाड़ी और सटोरिए करोड़ों रुपए का दांव लगा रहे हैं, जिससे यह नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड में इस नेटवर्क से जुड़े कई संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसियां इनके जरिए पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
लगातार गिरफ्तारियों के बावजूद ऑनलाइन सट्टेबाजी पर पूरी तरह रोक लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। तकनीक और दूसरे राज्यों से ऑपरेट हो रहे इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए अब पुलिस बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में है।
Raipur IPL Betting: ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश
रायपुर में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें नमन जग्गी, आयुष जैन और मोहम्मद सरफराज को गिरफ्तार किया गया है। इनकी निशानदेही पर 9 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन सट्टे के लिए तीन अलग-अलग वेबसाइट संचालित कर रहे थे। वे “मास्टर आईडी” और कई पैनल सिस्टम के जरिए लोगों को जोड़ते थे, जिससे यह नेटवर्क संगठित तरीके से संचालित हो रहा था।