रायपुर

Bharatmala Project: अभनपुर में आकार ले रहा प्रदेश का सबसे बड़ा इंटरचेंज, तीन हाईवे होंगे कनेक्ट

Bharatmala Project: प्रदेश का सबसे बड़ा इंटरचेंज आकार ले रहा है। रायपुर-विशाखापट्टनम, रायपुर-जगदलपुर और दुर्ग-आरंग हाईवे को कनेक्टिविटी मिलेगी।
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Oct 06, 2026
Bharatmala Project
अभनपुर में आकार ले रहा प्रदेश का सबसे बड़ा इंटरचेंज (Photo Trilochan Manikpuri)

Bharatmala Project Chhattisgarh: अभनपुर क्षेत्र में बन रहा यह इंटरचेंज रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला प्रोजेक्ट, दुर्ग-आरंग बायपास और रायपुर-जगदलपुर हाईवे को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। तीनों प्रमुख मार्गों से आने वाले ट्रैफिक को अलग-अलग दिशाओं में डायवर्ट करने के लिए इंटरचेंज पर अलग-अलग कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है।

तीन बड़े हाईवे के ट्रैफिक को मिलेगा कनेक्शन

अभनपुर में विकसित किए जा रहे इंटरचेंज से रायपुर-विशाखापट्टनम 6 लेन हाईवे के साथ दुर्ग-आरंग बायपास और रायपुर-जगदलपुर हाईवे के बीच सीधी कनेक्टिविटी तैयार होगी। वर्तमान में अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए मार्ग बदलने और जंक्शन पार करने की जरूरत पड़ती है। इंटरचेंज बनने के बाद ट्रैफिक को फ्लाईओवर और कनेक्टिंग रोड के जरिए संबंधित दिशा में भेजा जा सकेगा। इससे खासकर लंबी दूरी के भारी और व्यावसायिक वाहनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। रायपुर से विशाखापट्टनम, जगदलपुर और दुर्ग-आरंग की ओर जाने वाले वाहनों के लिए यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण होगी।

ऊपर और नीचे दोनों स्तरों पर आवाजाही

इंटरचेंज को मल्टी-लेवल ट्रैफिक व्यवस्था के हिसाब से विकसित किया जा रहा है। फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से और नीचे के हिस्से दोनों से वाहनों की आवाजाही होगी। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक को निर्धारित लेन और कनेक्टिंग मार्गों के माध्यम से आगे भेजा जाएगा। इस तरह एक ही स्थान पर अलग-अलग दिशाओं के वाहनों के लिए रास्ते उपलब्ध होने से आमने-सामने के ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इंटरचेंज का उद्देश्य वाहनों को जंक्शन पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचाना और हाईवे ट्रैफिक को लगातार आगे बढ़ाना है।

भारतमाला प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा

रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। अभनपुर का यह इंटरचेंज इस कॉरिडोर की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। इसके जरिए राजधानी क्षेत्र से निकलने वाले वाहनों को प्रदेश के दूसरे प्रमुख हाईवे से जोड़ने का रास्ता तैयार होगा। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला प्रोजेक्ट को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इंटरचेंज का निर्माण भी इसी समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है।

रायपुर के ट्रैफिक पर भी पड़ेगा असर

अभनपुर क्षेत्र में इस तरह की मल्टी-लेवल कनेक्टिविटी विकसित होने से रायपुर से गुजरने वाले लंबी दूरी के ट्रैफिक को वैकल्पिक और सीधा मार्ग मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से दूसरे जिलों और राज्यों की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर अनावश्यक प्रवेश से बचाने में यह नेटवर्क मददगार हो सकता है। इंटरचेंज के पूरा होने के बाद रायपुर-जगदलपुर, दुर्ग-आरंग और रायपुर-विशाखापट्टनम मार्गों के बीच आवाजाही अधिक व्यवस्थित होने की संभावना है। इससे यात्रा समय कम करने, जाम की स्थिति घटाने और हाईवे पर वाहनों की गति बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

निर्माण कार्य ने पकड़ी रफ्तार

इंटरचेंज का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। एनएचएआई के अधिकारी परियोजना के अन्य हिस्सों के साथ इंटरचेंज के काम को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की तैयारी कर रहे हैं। वर्ष 2027 तक भारतमाला प्रोजेक्ट पूरा होने के साथ ही अभनपुर का यह बड़ा इंटरचेंज भी आकार लेगा। प्रदेश में बढ़ते सड़क यातायात और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के बीच अभनपुर का यह इंटरचेंज भविष्य में रायपुर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण ट्रैफिक जंक्शन के रूप में विकसित हो सकता है।

Updated on:
06 Oct 2026 10:21 am
Published on:
06 Oct 2026 10:21 am