
रायपुर। प्रदेश के राजनीती एक बार फिर गर्म हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रमुख अजीत जोगी की जाति मामले में जुबानी जंग तीखी होती जा रही है। जनता कांग्रेस जोगी के सुप्रीमो अजीत जोगी ने कांग्रेस के वर्त्तमान प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को पुराने दिन याद दिलाने की बात कही है। दरअसल मोहन मरकाम ने गुरुवार को एक बयान दिया जिससे राजनीती तेज हो गई है और नेता जी के पुराने पोल दुसरे नेता ही खोल रहे हैं।
अजीत जोगी ने शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को पुराने दिन याद दिलाए। जोगी ने कहा, मोहन मरकाम को अपनी सीमा में रहकर बयान देना चाहिए। शायद वे वह दिन भूल गए हैं जब कोण्डागांव के बुजुर्ग नेता तरसेम सिंह गिल के माध्यम से टिकट के चक्कर में वे मेरे सामने सैकड़ों बार साष्टांग हुए हैं। उस दौरान में वे मेरी तारीफों के पुल बांधते हुए थकते नहीं थे। मोहन मरकाम ने गुरुवार को एक बयान में अजीत जोगी को नकली आदिवासी कहा था।
अजीत जोगी ने कहा, मरकाम को याद रखना चाहिए कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्षों राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने उन्हें आदिवासी नेता मानकर ही 15 वर्षों तक आदिवासी विभाग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए रखा था। जोगी ने कहा, मरकाम ने ऐसी टिप्पणी कर उनके चुनाव क्षेत्र मरवाही की आदिवासी जनता का अपमान किया है। अजीत जोगी ने मोहन मरकाम को फिर से चुनाव लडऩे की चुनौती दी। उन्होंने कहा, मरकाम कोण्डागांव से और मैं मरवाही से इस्तीफा देकर चुनाव लड़े। मैं मरवाही एक दिन भी नहीं जाऊंगा तो भी मेरी जनता मुझे जिताएगी। मरकाम में हिम्मत है तो इस्तीफा देकर कोण्डागांव के आदिवासियों का विश्वास जीतकर दिखाएं। उन्होंने कहा, मरवाही में अगर उपचुनाव हुआ तो फिर से कांग्रेस की जमानत जप्त हो जाएगी।