रायपुर

Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया पर बन रहा अबूझ मुहूर्त का संयोग, ज्यादा होंगी शादियां, 2500 करोड़ का होगा कारोबार

Akshaya Tritiya: ज्योतिष शास्त्र में अक्षय तृतीया और लोक परंपरा में अक्ती तिथि ऐसी सर्वसिद्धि तिथि मानी जाती है, जिसमें किसी भी मुहूर्त को दिखने की आवश्यकता नहीं है। अबूझ मुहूर्त होने से इस तिथि पर सबसे अधिक मांगलिक कार्यक्रम होते हैं।

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Apr 29, 2025

Akshaya Tritiya: कारोबारियों ने अक्षय तृतीया पर प्रदेशभर में 2500 करोड़ रुपए का कारोबार होने की उम्मीद जताई है। रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश भंसाली ने बताया कि हर साल अक्षय तृतीया के अवसर पर रायपुर जिले में सराफा का कारोबार करीब 200 करोड़ रुपए और प्रदेश में 700-800 करोड़ रुपए का होता है। वहीं ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक, कपडा़ और अन्य कारोबार भी करोड़ों में होता है। राडा के प्रदेश अध्यक्ष विवेक गर्ग ने बताया कि अक्षय तृतीया के लिए वाहनों की लगातार बुकिंग चल रही है।

Akshaya Tritiya: खरीदारी करने वालों की भीड़ बढ़ी

ज्योतिष शास्त्र में अक्षय तृतीया और लोक परंपरा में अक्ती तिथि ऐसी सर्वसिद्धि तिथि मानी जाती है, जिसमें किसी भी मुहूर्त को दिखने की आवश्यकता नहीं है। अबूझ मुहूर्त होने से इस तिथि पर सबसे अधिक मांगलिक कार्यक्रम होते हैं। संयोग से इस बार यह तिथि दो दिन पड़ रही है। इसलिए बाजारों में जमकर खरीदारी करने वालों की भीड़ बढ़ी है। कपड़ा और बर्तन दुकानों में ज्यादा रौनक है। अगले दो महीने तक लगातार शुभमुहूर्त होने से बाजारों में जमकर खरीदी का माहौल रहेगा।

पंडितों के अनुसार, अक्षय तृतीया पर इस बार सर्वार्थ सिद्ध योग दिनभर है और रवियोग भी है। इसलिए इस दिन जातकर्म, नामकरण, अन्नप्राशन, उपनयन संस्कार, विवाह मुहूर्त व वधु प्रवेश, गृहप्रवेश जैसे कार्यक्रम सबसे अधिक होंगे। वहीं, इसी तिथि पर ब्राह्मण समाज के ईष्ट देवता भगवान परशुराम का जयंती समारोह धूमधाम से मनेगा। बाजे-गाजे से शोभायात्रा निकालकर विप्र समाज उत्सव मनाएगा।

ब्राह्मण समाज दो दिन मनाएगा उल्लास

शंकराचार्य आश्रम के स्वामी इंदुभवानंद तीर्थ के अनुसार, 29 अप्रैल मंगलवार को द्वितीया तिथि 8.36 बजे समाप्त होकर तृतीया तिथि प्रारंभ होगी, जो कि बुधवार को सुबह 5.58 बजे तक है। चूंकि भगवान परशुराम का जन्म माता रेणुका के गर्भ से तृतीया तिथि पर प्रथम पहर की रात में हुआ था। इसलिए भगवान का प्राकट्य उत्सव मंगलवार को मनाना श्रेष्ठ है। वहीं, महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला उदयातिथि को मान्यता देते हुए अक्षय तृतीया 30 अप्रैल बुधवार को है। उन्होंने बताया कि दोनों दिन 29 और 30 अप्रैल को श्रेष्ठ मुहूर्त है।

अब लगातार हर दूसरे दिन शुभ मुहूर्त

शादी-विवाह का सीजन पीक पर है। पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार, खरमास की वजह से शुभ मुहूर्त 14 अप्रैल से प्रारंभ हुआ। इसके साथ ही मांगलिक कार्यक्रम लगातार हो रहे हैं। अब हर दूसरे दिन मुहूर्त हैं। इस समय गांवों में सबसे अधिक शादी, उपनयन संस्कार, मुंडन संस्कार हो रहे हैं।

देवशयनी एकादशी 6 जुलाई को

Akshaya Tritiya: देवशयनी एकादशी 6 जुलाई से भगवान श्रीहरि विष्णु चार महीने के लिए क्षीरसागर में विश्राम करने चले जाते हैं। इसलिए इस दौरान चार माह का चौमासा काल में साधु-संत एक स्थान पर धुनि रमाते हैं। 2 नवंबर को देवउठनी एकादशी यानी देव जाग्रत होंगे और मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।

इन महीनों में शुभ मुहूर्त की स्थितियां

मई माह: 1, 5, 6, 8, 10, 14, 15, 16, 17, 18, 22, 23, 24, 27 और 28 मई को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।

जून माह: 2, 4, 5, 7 और 8 जून को विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं। फिर चातुर्मास प्रारंभ होगा।

नवंबर माह में: 2, 3, 6, 8, 12, 13, 16, 17, 18, 21, 22, 23, 25 और 30 नवंबर को शादी के शुभ मुहूर्त हैं।

दिसंबर विवाह मुहूर्त: 4, 5 और 6 दिसंबर को शुभ मुहूर्त हैं।

Updated on:
29 Apr 2025 05:15 pm
Published on:
29 Apr 2025 09:52 am
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