CG Private School Protest: छत्तीसगढ़ में RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि 13 साल से नहीं बढ़ने पर निजी स्कूलों ने असहयोग आंदोलन का ऐलान किया है।
CG Private School Protest: छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि को लेकर राज्य सरकार पर नाराजगी जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता के अनुसार, पिछले 13 वर्षों से निजी स्कूलों को दी जाने वाली यह राशि नहीं बढ़ाई गई है। इस मुद्दे को लेकर संगठन ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि छह महीने के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाए। एसोसिएशन की मांग है कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि में बढ़ोतरी की जाए। प्रस्ताव के मुताबिक प्राथमिक कक्षाओं के लिए प्रति विद्यार्थी प्रति वर्ष मिलने वाली राशि 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये की जाए।
वहीं माध्यमिक कक्षाओं के लिए 11,500 रुपये से बढ़ाकर 22,000 रुपये और हाई व हायर सेकेंडरी कक्षाओं के लिए अधिकतम सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मांग रखी गई है। इसके अलावा संगठन ने यह भी कहा है कि बढ़ी हुई राशि को पिछले तीन वर्षों से प्रभावी माना जाए। संगठन का आरोप है कि गरीब विद्यार्थियों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग गंभीर नहीं है और कोर्ट के निर्देशों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
इसी मुद्दे पर 1 मार्च को एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि जब तक आरटीई के तहत दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि नहीं की जाती, तब तक राज्यभर के निजी स्कूल असहयोग आंदोलन करेंगे।
असहयोग आंदोलन के तहत निजी स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े किसी भी काम में सहयोग नहीं करेंगे। साथ ही विभाग की ओर से जारी किसी भी पत्र, नोटिस या आदेश का जवाब भी नहीं दिया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांग के अनुरूप प्रतिपूर्ति राशि में बढ़ोतरी नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।