
Chhattisgarh Open Jail: प्रदेश के बेमेतरा स्थित ग्राम पथर्रा में ओपन जेल को जल्दी ही शुरू करने की कवायद चल रही है। लेकिन, राज्य निर्माण के पहले एकीकृत मध्यप्रदेश के समय मशहूर फिल्म दो आंखे बारह हाथ की तर्ज पर बस्तर के बकावंड के मसगांव में ओपन खोली गई थी। लेकिन, नक्सल हिंसा को देखते हुए उसे बंद कर दिया गया था। साथ ही वहां के कैदियों को दूसरे जेलों में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद सीआरपीएफ के जवानों के लिए कैंप खोला गया। बाद में फोर्स के मूवमेंट करने पर पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था।
उक्त जेल के बंद होने के 23 साल बाद बेमेतरा में ओपन जेल को शुरू करने की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार के निर्देश पर बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में ओपन जेल (खुली जेल) बनाई गई है। यह लगभग 23 करोड़ रुपए की लागत से और 10.20 हेक्टेयर (लगभग 25-30 एकड़) क्षेत्र में तैयार की गई है। इसकी अधिसूचना 14 जुलाई 2026 को जारी की गई है। इसकी क्षमता करीब 200 कैदियों को रखे जाने की है।
बस्तर संभाग के जगदलपुर जिला मुख्यालय से करीब 28 किमी दूर बकावंड ब्लॉक के ग्राम मसगांव में जुलाई 1998 में ओपन जेल बनाई गई थी। करीब 74 एकड़ में निर्मित जेल की क्षमता 200 कैदियों को रखने की थी। यहां अच्छे आचरण और रिहाई योग्य सजायाफ्ता कैदियों को रखा गया था। लेकिन, नक्सली ङ्क्षहसा को देखते हुए गृह विभाग और रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके बाद 5 साल बाद अगस्त 2003 में इसे बंद कर दिया गया था। इस घटना के बाद दोबारा इसे शुरू करने पर विचार किया जा रहा था। लेकिन, 16 दिसंबर 2007 को दंतेवाड़ा जेल ब्रेक की घटना हुई। इस दौरान 110 नक्सली सहित 299 कैदी फरार हो गए थे।
राज्य निर्माण के पहले मसगांव में पहली ओपन जेल को शुरू किया गया था। लेकिन, बाद में इसे बंद कर दिया गया। राज्य की पहली ओपन जेल बेमेतरा के ग्राम पथर्रा में शुरू करने की तैयारी चल रही है। - एसएस तिग्गा, जेल डीआईजी