रायपुर

आखिर मुहब्बत की जंग जीत ही गयी अंजलि, पति से मिलकर बोली- बस पिता भी आशीर्वाद देकर अपना लें

वह अभी भी असुरक्षित महसूस कर रही है उन्हें सुरक्षा की जरुरत है। वह अपने माता-पिता को मनाने की कोशिश करेगी, जिससे वे आशीर्वाद देकर उन्हें स्वीकार लें। उन्होंने अपने परिवार वालों से अपील की कि जो हुआ उसे भूल कर वह उसे अपना लें।
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Updated: 20 Nov 2019, 5:41 PM IST
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रायपुर. उच्च न्यायालय के फैसले के बाद बुद्धवार को अंजलि जैन को सखी सेंटर से रिहा कर दिया गया। धमतरी की रहने वाली अंजलि को उनके पति इब्राहिम सिद्धकी उर्फ आर्यन आर्य लेने आये। हालांकि इस दौरान उसके मायके पक्ष से कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। पति से मिलकर अंजलि अपने आंसू नहीं संभाल पाई।

उन्होंने कहा कि वह अपनी मर्जी से पति के साथ जा रही हैं। वह अभी भी असुरक्षित महसूस कर रही है उन्हें सुरक्षा की जरुरत है। वह अपने माता-पिता को मनाने की कोशिश करेगी, जिससे वे आशीर्वाद देकर उन्हें स्वीकार लें। उन्होंने अपने परिवार वालों से अपील की कि जो हुआ उसे भूल कर वह उसे अपना लें।

धमतरी के रहने वाले मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी और अंजलि जैन ने दो साल की जान-पहचान के बाद 25 फरवरी 2018 को रायपुर के आर्य मंदिर में शादी की थी। इब्राहिम का दावा है कि उसने शादी से पहले हिंदू धर्म अपना लिया था। इसके बाद उन्होंने अपना नाम आर्यन आर्य रखा था।

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