
Agriculture Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में कृषि शिक्षक भर्ती को लेकर राज्य सरकार की नई पात्रता शर्तों ने हजारों कृषि स्नातकों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने कृषि शिक्षक पद के लिए बी.एड. और टीईटी को अनिवार्य कर दिया है, जबकि प्रदेश के किसी भी कॉलेज में कृषि विषय में बी.एड. पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया तय समय पर शुरू होती है, तो करीब 90 प्रतिशत कृषि स्नातक आवेदन करने से वंचित रह जाएंगे। अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि बी.एड. की व्यवस्था होने तक पुरानी पात्रता लागू की जाए या चयन के बाद यह योग्यता पूरी करने का अवसर दिया जाए।
कृषि स्नातकों का कहना है कि भर्ती कैलेंडर के अनुसार 25 अक्टूबर 2026 से भर्ती प्रक्रिया शुरू होनी है। यदि नई पात्रता शर्तों में कोई संशोधन नहीं किया गया, तो राज्य के करीब 90 प्रतिशत कृषि स्नातक आवेदन ही नहीं कर पाएंगे। इससे वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है।
अभ्यर्थियों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2025 तक कृषि शिक्षक भर्ती में बी.एड. और टीईटी अनिवार्य नहीं थे। वर्ष 2019 की भर्ती भी इन्हीं शर्तों के बिना संपन्न हुई थी। लेकिन 13 फरवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के बाद सरकार ने दोनों योग्यताओं को अनिवार्य कर दिया।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि छत्तीसगढ़ के किसी भी कॉलेज में कृषि विषय का बी.एड. पाठ्यक्रम संचालित नहीं होता। ऐसे में अभ्यर्थी चाहकर भी निर्धारित योग्यता हासिल नहीं कर सकते। इस मुद्दे को लेकर कृषि स्नातकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात कर व्यावहारिक समाधान की मांग की है।अभ्यर्थियों ने सुझाव दिया है कि जब तक कृषि विषय में बी.एड. की व्यवस्था नहीं होती, तब तक पुरानी पात्रता लागू की जाए या चयन के बाद बी.एड. और टीईटी पूरा करने का अवसर दिया जाए।
इधर, राज्य पात्रता परीक्षा (सीजी-सेट-2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अभ्यर्थी 17 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे, जबकि परीक्षा 4 अक्टूबर को आयोजित होगी। इस बार परीक्षा के विषयों की संख्या 19 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है।
कमला देवी संगीत महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. दीपक बेडेकर के अनुसार, पहली बार संगीत, योग, थिएटर और फाइन आर्ट जैसे विषयों को शामिल किया गया है। इसके अलावा मैनेजमेंट, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, मास कम्युनिकेशन, विजुअल आर्ट, डिफेंस स्टडी और मानवशास्त्र जैसे विषयों को भी जोड़ा गया है। इससे प्रदेश के युवाओं और कलाकारों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे।