
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ की राजनीति में जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत द्वारा भाजपा सरकार पर किए गए तंज के बाद भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने करारा पलटवार किया है। उन्होंने अमरजीत भगत के राजनीतिक कार्यकाल, कांग्रेस की कार्यशैली और पार्टी के प्रशिक्षण शिविर को लेकर कई तीखे बयान दिए। साथ ही दावा किया कि अमरजीत भगत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने की तैयारी में हैं और इसी वजह से लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।
पुरंदर मिश्रा ने कहा कि अमरजीत भगत उनके प्रिय छोटे भाई हैं, लेकिन उन्हें अपने राजनीतिक कार्यकाल को भी याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जिस तरह अमरजीत भगत मुखर होकर पार्टी का पक्ष रखते हैं, उसी तरह भाजपा में वे अपनी बात रखते हैं।
भाजपा विधायक ने कहा कि अमरजीत भगत को 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का आकलन करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन और भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की तुलना करने पर जनता खुद तय कर लेगी कि किस सरकार ने अधिक विकास कार्य किए। पुरंदर मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि अमरजीत भगत को मंत्री बनने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने कार्यकाल का मूल्यांकन करना चाहिए।
पुरंदर मिश्रा ने दावा किया कि अमरजीत भगत की मौजूदा बयानबाजी के पीछे राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। उनके मुताबिक, अमरजीत भगत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने की तैयारी कर रहे हैं और इसी कारण वे लगातार भाजपा सरकार और संगठन पर हमलावर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच अमरजीत भगत अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।
भाजपा विधायक ने कांग्रेस के हाल ही में आयोजित प्रशिक्षण शिविर को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रम में संगठन को मजबूत करने के बजाय आर्थिक संसाधन जुटाने पर अधिक चर्चा हुई। पुरंदर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में यह बताया जाता है कि चंदा कैसे जुटाया जाए और आर्थिक स्थिति कैसे मजबूत की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की बैठकों का मुख्य उद्देश्य आर्थिक संग्रह तक सीमित रह गया है।
दरअसल, इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भाजपा सरकार और संगठन पर निशाना साधते हुए कहा था कि भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने दावा किया था कि भाजपा के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और पार्टी के पास ऐसी रिपोर्ट है, जिसमें सरकार के दोबारा सत्ता में आने की संभावना नहीं जताई गई है। अमरजीत भगत ने कहा था कि भाजपा भले ही "ऑल इज वेल" का संदेश देने की कोशिश कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उनके अनुसार पार्टी के अंदर बेचैनी और असंतोष साफ दिखाई दे रहा है।
अमरजीत भगत और पुरंदर मिश्रा के बीच बयानबाजी ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। दोनों नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय सामने आए हैं, जब राजनीतिक दल संगठन विस्तार, जनसंपर्क और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।