CG BJP Poster War: छत्तीसगढ़ में राज्यसभा प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर पोस्टर वार किया है। पोस्टर में ‘सोनिया सेवा’ का तंज कसा गया है।
CG BJP Poster War: छत्तीसगढ़ भाजपा ने एक बार फिर पोस्टर के जरिए कांग्रेस पर सियासी हमला बोला है। इस बार निशाना राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर साधा गया है। जारी पोस्टर में तंज कसते हुए लिखा गया है कि गुलाब के फूल बिछाकर स्वागत करने के बावजूद भूपेश बघेल और दीपक बैज पर फूलोदेवी नेताम की “सोनिया सेवा” भारी पड़ गई।
भाजपा द्वारा जारी इस पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के सामने हाथ जोड़कर खड़े दिखाया गया है। पोस्टर में दर्शाया गया है कि भूपेश बघेल अपने बेटे के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं, जबकि दीपक बैज खुद को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने की गुहार लगा रहे हैं। वहीं पोस्टर में प्रियंका गांधी के संवाद के जरिए यह संदेश दिया गया है कि फूलोदेवी नेताम ने उनकी मां की सेवा पूरी निष्ठा से की थी, इसलिए उन्हें प्राथमिकता मिली।
इस पूरे मामले पर भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि असली मुद्दा यह नहीं है कि किसकी चली और किसकी नहीं। उन्होंने कहा कि पिछली बार जो तीन राज्यसभा सांसद चुने गए थे, उन्हें लोग ज्यादा नहीं जानते थे, लेकिन अब कम से कम नए उम्मीदवार को पहचान मिल रही है। दुर्ग में भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती मिलने के मामले पर भी अजय चंद्राकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्होंने फिलहाल सिर्फ खबरों में पढ़ा है।
पार्टी इस बात की जांच करेगी कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में भाजपा से जुड़ा है या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जो गलत है, वह गलत है, इसमें कांग्रेस या भाजपा देखने की जरूरत नहीं है। धान खरीदी के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्राकर ने कहा कि इस विषय पर टिप्पणी करने का उन्हें कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां भी जरूरत होगी, वहां इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी और जो भी गड़बड़ी करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
होली के दौरान शराब की अधिक बिक्री को लेकर पूछे गए सवाल पर अजय चंद्राकर ने कहा कि सरकार ने किसानों को धान का बोनस पहले ही दे दिया था। उन्होंने कहा कि अगर लोग उस पैसे से शराब खरीद रहे हैं तो इसमें सरकार क्या कर सकती है। साथ ही उन्होंने शराबखोरी को एक सामाजिक बुराई भी बताया।