
रायपुर@हिमांशु शर्मा। Railway Breath Analyzer: टीटीई नशे में है कि नहीं, कही उसने शराब तो नहीं पी रखी है? इसकी जांच करने के लिए रेलवे ने स्टेशन में ब्रेथ एनलाइजर मशीन की व्यवस्था लागू की थी। लेकिन रेलवे इसे भूल चुका है। क्योंकि कई बार शिकायत मिलती है कि टीटीई स्टेशन व ट्रेनों के अंदर नशे में यात्रियों से दुर्व्यवहार करते हैं। इसको रोकने के लिए 8 माह पहले रायपुर रेल मंडल ने रायपुर स्टेशन में ट्रायल के तौर पर टीटीई की जांच करने के लिए ब्रेथ एनलाइजर मशीन की शुरुआत की। लेकिन अब यह जांच पूरी तरह से ठप हो चुकी है।
इस सिस्टम के तहत टीटीई को हर दिन ड्यूटी में आने और लौटने के वक्त ब्रेथ एनलाइजर मशीन में टेस्ट देना होता। इस जांच में यदि निगेटिव आता तो उसे ड्यूटी में लगा दिया जाता, लेकिन टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने पर टीटीई को ड्यूटी से छुट्टी दे दी जाती। साथ ही रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई का भी प्रावधान है। ब्रेथ एनलाइजर मशीन को टीटीई की यूनीक आईडी से जोड़ा गया था। टीटीई ड्यूटी पर जाने से पहले मशीन में फूंक मारेगा। नशे पर नहीं होने के बाद ही यूनीक आईडी खुलेगी। साथ ही ट्रेन में चलने वाले ऑन बोर्ड अफसरों के पास भी ये मशीन रहेगी।
इसके साथ ही रेलवे ने स्टेशन पर बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू कर मशीन लगा दी गई थीं। ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट के साथ इस मशीन के माध्यम से टीटीई को बायोमैट्रिक अटेंडेंस लगाना था। ड्यूटी शुरू और खत्म करते समय आधार आधारित बायोमैट्रिक साइन इन और साइन आउट सिस्टम शुरू हुआ था। लेकिन रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यह अटेंडेंस मशीन महीनों से खराब पड़ी है।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर रेल मंडल में करीब 250 टीटीई हैं। सभी स्टेशन के अलावा अलग-अलग ट्रेनों में ड्यूटी करते है। लेकिन यह टीटीई नशे में है कि नहीं इसकी जांच नहीं होती है। जबकी टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों की शिकायत आती थी, की टीटीई ने शराब पी रखी है। वे यात्री के साथ दुर्व्यवहार भी करते थे।
सिस्टम को ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया था, अब इसे नियमित रूप से लागू करेंगे। इसके लिए फंड की आवश्यकता होगी, यह सब देखते हुए इसका प्रारूप बनाकर भेजा जाएगा। अटेंडेंस मशीन भी खराब नहीं पड़ी है, उसे भी ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया था। अभी टीटीई का जो साइन सिस्टम बना हुआ है, उसी से हो रहा है। - अवधेश कुमार त्रिवेदी, सीनियर डीसीएम, रायपुर