रायपुर

रायपुर में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, पहली बार घर बैठे मोबाइल से खुद भर सकेंगे परिवार की जानकारी, जानें कैसे!

Digital Census 2027: जनगणना 2027 को लेकर इस बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब देश की आबादी के आंकड़े जुटाने के लिए पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। खास बात यह है कि नागरिकों को घर बैठे स्मार्टफोन या वेब पोर्टल के जरिए अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज करने यानी स्व-गणना की सुविधा मिलेगी।
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Updated: 2 Nov 2026, 11:13 AM IST
Census 2027 Online Registration
जनगणना 2027 की तैयारी तेज (फोटो सोर्स- AI)

रायपुर@हिमांशु शर्मा। Census 2027: बदलते दौर के साथ अब देश की जनगणना भी डिजिटल तकनीक के सहारे आगे बढ़ने जा रही है। जनगणना 2027 में आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल माध्यमों से किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत प्रगणक स्मार्टफोन में विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए परिवारों की जानकारी जुटाएंगे।

वहीं, आम नागरिकों को भी स्मार्टफोन और वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने यानी स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। फिर पर्यवेक्षकों के द्वारा इनके डिटेल का सत्यापन किया जाएगा। इसी कार्य को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ।

ग्रामीण और शहरी अधिकारियों को अलग-अलग प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य एवं नागरिक पंजीकरण के निदेशक कार्तिकेय गोयल उपस्थित रहे। वहीं, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए। चार दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दो दिन ग्रामीण चार्ज अधिकारियों (रूरल चार्ज ऑफिसर) को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि अगले दो दिन शहरी चार्ज अधिकारियों (अर्बन चार्ज ऑफिसर) को जनगणना की प्रक्रिया और उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया।

घर बैठे भी दर्ज करा सकेंगे परिवार की जानकारी

जनगणना 2027 की सबसे बड़ी खासियत डिजिटल गणना के साथ स्व-गणना का विकल्प है। इसके माध्यम से नागरिक स्मार्टफोन या वेब पोर्टल का उपयोग कर स्वयं अपने परिवार से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

विकास योजनाओं का आधार बनेंगे जनगणना के आंकड़े

जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना के दौरान प्रगणक प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक जानकारियां एकत्र करेंगे। इसके साथ ही प्रवासन और प्रजनन संबंधी पहलुओं को भी आंकड़ों में शामिल किया जाएगा। इन आंकड़ों का महत्व केवल जनसंख्या की संख्या जानने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी विकास योजनाओं के निर्माण में भी इनकी अहम भूमिका होगी।

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2 Nov 2026, 11:13 AM IST
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