रायपुर

CG Congress: गुजरात में कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन, यहां के जिलाध्यक्षों को बदलने की तैयारी, जानें क्या है वजह?

CG Congress: कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की पहली सूची जारी होने के बाद एक बार फिर संगठन में बदलाव की प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया है।

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Apr 06, 2025
Congress

CG Congress: कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की पहली सूची जारी होने के बाद एक बार फिर संगठन में बदलाव की प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया है। दरअसल, गुजरात में कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन होना है। इस वजह से फिलहाल संगठन के बदलाव को टाल दिया गया है।

राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद एक बार फिर कुछ जिलाध्यक्षों को बदला जाएगा। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व जिलाध्यक्षों का अधिकार बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों को जल्द हटाने के संकेत मिले हैं। बता दें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित 50 से अधिक वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

रायपुर शहर और ग्रामीण दोनों जिलाध्यक्षों को बदलने की तैयारी में

कांग्रेस ने अपने करीब 25 जिलाध्यक्षों को बदलने की तैयारी कर रखी थी, लेकिन पहली सूची में केवल 11 जिलाध्यक्षों के नाम शामिल थे। संगठन में अब भी करीब 8 से 10 जिलाध्यक्षों को बदलने का प्रस्ताव लंबित है। यानी यह बात तय है कि राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद संगठन में एक बड़ा बदलाव होगा।

कांग्रेस रायपुर शहर और ग्रामीण दोनों जिलाध्यक्षों को बदलने की तैयारी में है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि विधानसभा, लोकसभा और नगरीय निकाय चुनाव में इनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। विस चुनाव में रायपुर जिले की सभी सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। महापौर व पार्षद चुनाव में भी कांग्रेस को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि कुछ वरिष्ठ नेता रायपुर जिलाध्यक्ष को बदलने की पक्ष में नहीं है।

डेढ़ साल से कार्यकारिणी का विस्तार नहीं

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने दीपक बैज को जुलाई 2023 में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी थी। नवम्बर में विधानसभा चुनाव होने थे। इस वजह से प्रदेश कार्यकारिणी में बदलाव नहीं हुआ। इसके बाद कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके चलते बहुत से प्रदेश पदाधिकारियों ने कांग्रेस से किनारा कर भाजपा में शामिल हो गए। इसके चलते भी कार्यकारिणी में विस्तार होना है, लेकिन डेढ़ साल से अधिक समय बीतने के बाद भी कार्यकारिणी का विस्तार नहीं हो सका।

दो कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाने की चर्चा

बताया जाता है कि संगठन में प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ दो कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस ने यह प्रयोग पहले भी किया है। इसका नतीजा भी समर्थक रहा था। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने में कामयाब हुई थी। हालांकि यह बात अलग है कि कांग्रेस के एक कार्यकारी अध्यक्ष ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थाम लिया था।

Updated on:
07 Apr 2025 06:21 pm
Published on:
06 Apr 2025 09:35 am
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