रायपुर

CG Education Loan: लोन लेकर पढ़ाई करने वालों की संख्य हुई कम, सरकारी योजना नहीं आ रही काम

CG Education Loan: रायपुर प्रदेश में कर्ज लेकर उच्चशिक्षा की पढ़ाई करने वालों की संख्या तेजी से घट रही है। साल दर साल ऐसे विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है, जो मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना का लाभ ले रहे हों।

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Sep 17, 2024

CG Education Loan: छत्तीसगढ़ के रायपुर प्रदेश में कर्ज लेकर उच्चशिक्षा की पढ़ाई करने वालों की संख्या तेजी से घट रही है। साल दर साल ऐसे विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है, जो मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना का लाभ ले रहे हों। पिछले तीन सालों में ज्यादा घटी है।

CG Education Loan: वर्ष 2022-23 में पूरे प्रदेश में इस योजना के तहत लोन खाते केवल 1180 खुले हैं। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को तकनीकी, व्यवसायिक जैसे उच्चशिक्षा के लिए सस्ते दरों में लोन उपलब्ध कराया जाता था। इसमें ब्याज अनुदान दिया जाता था। केवल ब्याज दर का केवल 1 फीसदी विद्यार्थियों को देना होता था, बाकी का हिस्सा सरकार चुकाती थी। योजना का मकसद उच्च शिक्षा के लिए कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराना था। हालांकि पिछले तीन सालों के आंकड़ों से साबित होता है कि इसमें विद्यार्थियों की रुचि धीरे-धीरे कम हो रही है। इसकी बड़ी वजह लोन को लेकर बैंकों का रवैया भी है।

CG Education Loan: यह थी योजना

वर्ष 2012-13 में मुख्यमंत्री उच्चशिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू हुई। इसके तहत 2 लाख रुपए वार्षिक आय वाले विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, फार्मेसी, नर्सिंग, कंप्यूटर आदि व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में उच्चशिक्षा के लिए कम ब्याज दर पर लोन दिया जाता है। लोन की अधिकतम सीमा 4 लाख रुपए है। इसमें लोन की मोरेटोरियम अवधि के बाद लोन के किस्त के नियमित भुगतान करने पर केवल 1 फीसदी ब्याज देना होगा। बाकी के ब्याज राशि का भुगतान राज्य सरकार संबंधित बैंक को करेगी। इसके लिए कैनरा बैंक को नोडल बैंक बनाया गया था।

बैंकों का भुगतान भी अटका

छात्र-छात्राओं को ऋण अनुदान के तहत कई बैंकों ने लोन दिया है, लेकिन बैंकों को सरकार की ओर से भुगतान नहीं किया गया है। कई बैंकों की राशि अब तक सरकारी की ओर से नही मिली है। इसके चलते भी बैंकों ने लोन देने में आनाकानी शुरू कर दिया है। इसके चलते भी उच्चशिक्षा के लिए लोन के मामले कम हुए हैं। इस योजना का लाभ ज्यादातर शहरी स्टूडेंट्स को हुआ है।

घट रही संख्या

वर्ष खातों की संख्या
2019-20 2060
2020-21 1474
2021-22 1352
2022-23 1180

Updated on:
17 Sept 2024 11:42 am
Published on:
17 Sept 2024 11:40 am
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