
Rainfall in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मानसून के ब्रेक के बाद अब प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया का असर राज्य के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में शुक्रवार सुबह से बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में समुद्री नमी की मात्रा बढ़ गई है, जिससे बादलों की आवाजाही तेज हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 72 घंटे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे और कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है। बारिश के चलते लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा शंकरगढ़ और कुसमी में 9-9 सेंटीमीटर रिकॉर्ड की गई।
बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में कमी दर्ज की गई है। गुरुवार को दुर्ग में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड और अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मानसून की सक्रियता खेती-किसानी के लिए भी राहत लेकर आई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने से धान की रोपाई और खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा। साथ ही, जलाशयों और भूजल स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।