रायपुर

ED का बड़ा एक्शन… भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति हुई अटैच!

CG liquor scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की हैं।
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Nov 13, 2025
चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ की संपत्ति अटैच (photo source- Patrika)
चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ की संपत्ति अटैच (photo source- Patrika)

CG liquor scam: छत्तीसगढ़ में चल रहे शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की करीब 61.20 करोड़ रुपए मूल्य की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

CG liquor scam: अब तक 276.20 करोड़ की संपत्तियां अटैच

कुर्क की गई संपत्तियों में 364 आवासीय भूखंड और कृषि भूमि शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 59.96 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा बैंक बैलेंस और सावधि जमा में रखे 1.24 करोड़ रुपए भी कुर्क किए गए हैं।

ईडी की इस कार्रवाई के साथ अब तक इस मामले में कुल 276.20 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों की कुर्की हो चुकी है। बता दें कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले को लेकर ईडी कई चरणों में जांच कर चुकी है और इससे पहले भी कई व्यवसायियों व सरकारी अधिकारियों की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।

2500 करोड़ के स्कैम से जुड़ी जांच

यह जांच रायपुर की ACB/EOW द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि इस शराब घोटाले से राज्य सरकार को भारी नुकसान हुआ और करीब 2500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की गई। यह पैसा कुछ चुनिंदा लोगों के पास गया।

ED का दावा- चैतन्य बघेल थे ‘लिकर सिंडिकेट’ के कंट्रोलर

CG liquor scam: ED के अनुसार, चैतन्य बघेल पूरे लिकर सिंडिकेट के शीर्ष कंट्रोलर थे। वे अवैध रूप से जुटाए गए पैसों का पूरा हिसाब रखते थे और पैसों की वसूली, ट्रांसफर और बंटवारे से जुड़े फैसले उन्हीं की मंजूरी से होते थे। जांच में यह भी सामने आया कि बघेल को इस स्कैम से सीधा फायदा मिला।

रियल एस्टेट में निवेश से ‘काला धन’ सफेद करने की कोशिश

ED ने कहा कि चैतन्य बघेल ने इस अवैध कमाई को अपनी रियल एस्टेट कंपनी 'बघेल डेवलपर्स' के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की। इसी पैसों से उन्होंने 'विठ्ठल ग्रीन' नामक प्रोजेक्ट डेवलप किया।

Updated on:
13 Nov 2025 04:51 pm
Published on:
13 Nov 2025 04:50 pm