CG News: बस्तर जिले में पंजीकृत 19 में 9 संगठन और जशपुर जिले में 18 में से 15 संस्थाएं ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित की जा रही हैं।
CG News: छत्तीसगढ़ में लगातार धर्मांतरण के प्रकरणों में इजाफा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 साल में धर्मांतरण के 23 मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें अधिकांश बस्तर से लेकर सरगुजा संभाग के अंदरुनी ग्रामीण इलाकों में खेल चल रहा है। इसकी शिकायत मिलने पर राज्य पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इसकी शिकायतें लगातार मिलने के बाद राज्य सरकार बढ़ते धर्मांतरण को रोकने के लिए धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक बनाने जा रही है। करीब 10 राज्यों की कानूनों की बारीकियों को ध्यान में रखकर ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। इससे प्रदेश में धर्मांतरण के मामले थमने के साथ ही इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
मार्च 2025 के दौरान विधानसभा सत्र के दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया था कि 2020 में ऐसी घटना में एक मामला दर्ज किया गया। 2021 में सात मामले, 2022 में तीन मामले, 2023 में कोई मामला दर्ज नहीं, 2024 में 12 मामले और इस साल अब तक राज्य में चार मामले दर्ज किए गए हैं। बता दें कि इस समय राज्य में धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए किसी तरह की कानून नहीं बना है।
CG News: राज्य में चंगाई सभा की आड़ में भोले-भाले, असहाय, गरीब लोगों को लालच देकर उनका धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कार्य क्षेत्र में काम करने के उद्देश्य से गठित गैर-सरकारी संगठन को गोपनीय रूप से फंडिंग हो रही है। इसका इस्तेमाल कथित तौर पर धर्मांतरण गतिविधि के लिए किया जा रहा है।
बता दें कि पहले राज्य में 364 एनजीओ थे, जिन्हें विदेशी फंड मिल रहा था। 2020 में अधिनियम में संशोधन के बाद राज्य में 84 एनजीओ पर प्रतिबंध लगाया गया था। 127 अन्य स्वत: बंद हो गए। इस समय राज्य में विदेशी फंड लेने वाले करीब 153 एनजीओ काम कर रहे है। हालांकि बस्तर जिले में पंजीकृत 19 में 9 संगठन और जशपुर जिले में 18 में से 15 संस्थाएं ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित की जा रही हैं।
विजय शर्मा, डिप्टी सीएम व गृहमंत्री: धर्मांतरण रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। राज्य सरकार सरकार नए प्रावधानों की जरूरत पर विचार कर रही है। हम जल्द ही नया विधेयक लाएंगे। धर्मांतरण रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया जाएगा।