CG News: बैनर-पोस्टर लगाकर रसूख दिखाने वाला हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह को जब पुलिस ने भाठागांव की गलियों में पैदल घुमाया तो वह टूट गया।
Virendra Tomar: एक समय शहर भर में बड़े मंत्रियों और विधायकों के साथ अपने बैनर-पोस्टर लगाकर रसूख दिखाने वाला हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह को जब पुलिस ने भाठागांव की गलियों में पैदल घुमाया तो वह टूट गया। और कहने लगा, गुंडागर्दी करना पाप है, कानून हमारा बाप है। आरोपी ने शहर में सुनियोजित ढंग से सूदखोरी का अपना अवैध कारोबार बढ़ाया।
वह शहर के मंत्रियों, विधायकों और बड़े नेताओं के साथ अपने बड़े-बड़े बैनर-पोस्टर लगवाता था। होली, दिवाली या विशेष अवसरों पर सभी प्रमुख मार्गों पर पोस्टर लगवाता था। उन्हीं पोस्टरों को दिखाकर अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग का काम करता था। इसमें उसके भाई रोहित तोमर की अहम भूमिका रहती थी। पहले कम ब्याज पर कर्ज देकर अधिक वसूली करते थे। पैसे नहीं दे पाने वालों से उनकी जमीन, दुकान, मकान, वाहन रख लेते थे।
अगर कोई पुलिस में शिकायत करने जाता था, तो दोनों बड़े नेताओं से अपने संबंध बताते थे। इसके चलते कोई शिकायत करने से कतराता था। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। गिरतारी के बाद रविवार को पुलिस ने उसे भाठागांव इलाके में पैदल घुमाया। इसी दौरान मोहल्ले और गलियों में लोगों का जमावड़ा लग गया।
हिस्ट्रीशीटर रोहित ने जून माह में तेलीबांधा इलाके में जमीन कारोबारी की जान लेने की कोशिश की थी। रोहित के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया। इसके बाद उसकी तलाश में 4 जून को उसके भाठागांव स्थित घर में छापा मारा। छापे की भनक लगते ही दोनों भाई फरार हो गए। इस बीच रायपुर पुलिस से बचने के लिए हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर की पॉश कॉलोनी में डेढ़ करोड़ के लैट को किराए पर लिया।
लैट उसके रिश्तेदारों ने दिलाया था। उसे पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम पिछले एक सप्ताह से लैट के आसपास उसकी घेराबंदी में लगी थी। इस दौरान कई कॉल डिटेल खंगाले गए। अलग-अलग लैट में रहने वालों की जानकारी निकाली गई। वीरेंद्र अपने लैट से बाहर नहीं निकलता था। जरूरी चीजें भी सुरक्षा गार्ड से मंगवा लेता था।
आरोपियों के घर से पुलिस को नकद 35 लाख 10 हजार 300 रुपए, 734 ग्राम सोने के जेवर, 125 ग्राम चांदी के जेवर, बीएमडब्ल्यू सीजी 04 एलसी 1111, थार सीजी 04 पीए 0017, ब्रेजा सीजी 04 एनएस 1917 के अलावा बड़ी संया में चेक, एटीएम कार्ड, स्टॉप, सीपीयू, आईपेड, लैपटॉप, पैसों के लेन-देन के हिसाब वाला रजिस्टर, जमीनों के दस्तावेज, नोट गिनने की मशीन, 5 तलवार, 1 रिवाल्वर, 1 पिस्टल, जिंदा राउंड और आवाजी कारतूस बरामद हुए थे।
आरोपी वीरेंद्र अपने आप को राष्ट्रीय करणी सेना का प्रदेश अध्यक्ष बताता था। इसकी आड़ में अवैध वसूली, सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग जैसे कई काम करता था। पिछले दिनों करणी सेना के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर वीरेंद्र पर सेना के नाम का दुरुपयोग करने का खुलासा किया था।
आरोपी रोहित तोमर गोल्डमैन के नाम से चर्चित था। वह काफी सारे सोने के गहने पहनता था। वीरेंद्र और रोहित ने कई संपत्तियां दूसरों के नाम पर कर रखी है। दोनों फॉरच्यूनर, बीएमडब्ल्यू, थार और पोर्से जैसी महंगी कारों में घूमते थे।
पुरानी बस्ती पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर को हथकड़ी लगाकर रविवार को भाठागांव के उसी इलाके में पैदल घुमाया जहां वह अपना साम्राज्य चलाता था। कभी ठाठ से रहने वाला वीरेंद्र फटी बनियान पहने नंगे पैर चला, इस दौरान वह गिर पड़ा। मामले में अभी उसका भाई रोहित फरार चल रहा है। उसकी गिरतारी के लिए भी पुलिस की टीमें कई जगह छापे मार रही हैं।