
Fake PA Scam(photo-AI)
Fake PA Scam: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस बार शातिर ठगों ने भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा को निशाना बनाया। फोन पर बड़े नेता का PA बनकर BJP विधायक को ठगों ने लुटा, कहा- सर डीजल भरवाना है, तुरंत पैसे चाहिएआरोपी ने खुद को भाजपा के एक बड़े नेता का निजी सहायक (PA) बताकर विश्वास में लिया और डीजल भरवाने के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवा लिए। पूरा मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र का है, जहां शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। आरोपी ने फोन कर तत्काल जरूरत का हवाला दिया, जिसके बाद मंदिर के सेवक के जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई। बाद
जानकारी के अनुसार आरोपी ने विधायक पुरंदर मिश्रा को फोन किया और खुद को भाजपा के वरिष्ठ नेता का पीए बताया। बातचीत के दौरान उसने तत्काल डीजल भरवाने के लिए पैसों की जरूरत होने की बात कही। विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने राजनीतिक पहचान और जरूरी काम का हवाला दिया। इसके बाद उसने दो अलग-अलग बार में रकम ट्रांसफर करने को कहा।
बताया जा रहा है कि विधायक पुरंदर मिश्रा ने जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा के माध्यम से आरोपी के खाते में कुल 10 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए। कुछ समय बाद जब मामले की पुष्टि की गई तो पता चला कि फोन करने वाला व्यक्ति फर्जी था और उसके द्वारा ठगी की गई है।
घटना सामने आने के बाद सेवक नारायण मिश्रा की शिकायत पर खम्हारडीह थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खाते और ट्रांजैक्शन डिटेल के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के इस मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
राजधानी रायपुर में हाल के दिनों में नेताओं और जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ती दिखाई दे रही हैं। साइबर अपराधी अब राजनीतिक पहचान और प्रभावशाली नामों का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में ले रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सतर्कता बेहद जरूरी है और किसी भी अनजान कॉल या पैसे की मांग की पहले पुष्टि करनी चाहिए।
एक हफ्ते पहले BJP नेता के साथ हुई थी लूट गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले ही राजधानी के देवेंद्र नगर इलाके में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक मोबाइल लूट की घटना का शिकार हुए थे। वे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी आरोपी उनका आईफोन छीनकर फरार हो गया था। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आठ घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल और डिजिटल ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस समय-समय पर लोगों को जागरूक कर रही है, लेकिन इसके बावजूद शातिर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी पहचान और जानकारी की पुष्टि जरूर करनी चाहिए।
Published on:
26 May 2026 10:10 am
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