CG News: रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र में सॉयल टेस्टिंग के बीच आरक्षित जमीन के नामांतरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिससे परियोजना पर असर पड़ने की आशंका है।
@विनोद जैन/CG News: गोबरा नवापारा। नगर में रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीम की नींव के लिए मिट्टी परीक्षण (सॉयल टेस्टिंग) का कार्य जारी है। यह ओवरब्रिज राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित है, जहां नियमों के अनुसार राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग पर रेल फाटक होने की स्थिति में ओवरब्रिज निर्माण आवश्यक माना जाता है।
इसी बीच बस स्टैंड के समीप स्थित आरक्षित भूमि को लेकर विवाद गहराने लगा है। जानकारी के अनुसार जिस भूमि की भविष्य में निर्माण कार्य हेतु आवश्यकता पड़ सकती है, उसे शासन की सुरक्षित जमीन बताया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोग उक्त भूमि पर निजी स्वामित्व का दावा कर नगरवासियों को गुमराह कर रहे हैं, जबकि उनके पास स्पष्ट और वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यदि ओवरब्रिज निर्माण के लिए बस स्टैंड के पास की जमीन की आवश्यकता पड़ती है, तो शासन को विधिवत नोटिस जारी कर दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति भूमि को निजी संपत्ति बता रहा है, तो उससे वैध रजिस्ट्री, नामांतरण और स्वामित्व प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा जाए। नगर में यह चर्चा भी है कि उक्त आरक्षित भूमि का नगर पालिका में नामांतरण किया गया है। इस प्रक्रिया की वैधता और आधार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
CG News: नागरिकों की मांग है कि यदि नामांतरण या रजिस्ट्री में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों और संभावित संलिप्त अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इधर रेलवे रैक प्वाइंट का कार्य भी तेजी से चल रहा है, जिससे भविष्य में यातायात दबाव बढ़ने की संभावना है। प्रस्तावित योजना के अनुसार बस स्टैंड को शिफ्ट नहीं किया जाएगा, बल्कि वह ओवरब्रिज के नीचे ही संचालित होगा।
ऐसे में दीनदयाल उपाध्याय चौक से सदर बाजार, गंज रोड और देवभोग मार्ग की ओर जाने वाले वाहनों के लिए सड़क चौड़ीकरण और सुनियोजित ट्रैफिक प्लानिंग की आवश्यकता महसूस की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि वे विकास कार्यों का स्वागत करते हैं, परंतु शासकीय भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और वैधानिक प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का कानूनी विवाद उत्पन्न न हो। ओवरब्रिज नगर के विकास की नई राह खोल सकता है, बशर्ते भूमि विवाद और यातायात प्रबंधन के हर निर्णय में कानून, पारदर्शिता और दूरदर्शिता का संतुलन बना रहे।