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Attack on forest team: वन भूमि से अतिक्रमण हटाने गई थी फॉरेस्ट की टीम, रेंजर समेत अन्य कर्मियों से ग्रामीणों ने की मारपीट

Attack on forest team: एक घंटे तक वन अधिकारी-कर्मचारियों व ग्रामीणों के बीच अतिक्रमण हटाने को लेकर होता रहा विवाद, फिर बहस ने ले लिया उग्र रूप, मौके पर बुलानी पड़ी पुलस

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Attack on forest team

Villagers attack on forest team (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत पंडरी गांव में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच हुए इस विवाद ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने रेंजर समेत वन विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ झड़प, मारपीट (Attack on forest team) और अभद्रता की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।

यह मामला पंडरी गांव के केनवारी क्षेत्र का है, जहां ग्रामीणों द्वारा वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। बताया जा रहा है कि रातोंरात बड़ी संख्या में ग्रामीणों (Attack on forest team) ने वन भूमि पर दुकानें और अस्थायी निर्माण कर दिए थे। इसकी जानकारी मिलने पर वन विभाग का अमला अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंचा था।

कार्रवाई शुरू होते ही ग्रामीणों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी, धक्का-मुक्की और मारपीट (Attack on forest team) होने लगी। इस दौरान रेंजर शिवनाथ ठाकुर सहित कई वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी चोटिल भी हुए।

Attack on forest team: पुलिस ने संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इस संबंध में डीएफओ आलोक वाजपेयी ने कहा कि मारपीट (Attack on forest team) व अभद्रता करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।


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