
Villager complaint to collector (Photo source- Patrika)
अंबिकापुर। क्रशर प्लांट के लिए पत्थर तोडऩे किए जा रहे ब्लास्ट (Blasting in crusher plant) से शहर से लगे ग्राम पंचायत असोला, रजपुरीखुर्द और देवगढ़ के लोग दहशत में है। ब्लास्ट की वजह से घरों की दीवारों में दरारें पडऩी शुरू हो गई है। कई कच्चे मकान गिरने के कगार पर है। अचानक ब्लास्टिंग से आस-पास के क्षेत्र में भूकंप जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। सोमवार को प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। एक महिला ने बताया कि जब वे विरोध करते हैं तो प्लांट संचालक द्वारा उन्हें क्रशर मशीन में डालने की धमकी दी जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में 4-5 क्रशर प्लांट (Blasting in crusher plant) संचालित है। पत्थर तोडऩे के लिए बारूद से ब्लास्ट किया जाता है। ब्लास्टिंग को कोई समय निर्धारित नहीं है। क्रशर संचालक द्वारा किसी भी समय ब्लास्टिंग कराया जाता है। ब्लास्टिंग से घरों में दरारें पडऩी शुरू हो गई हंै।
नए निर्मित पीएम आवासों में भी दरारें आ जा रही है। कई कच्चे मकान ढह रहे हैं। लोग दहशत में निवास कर रहे हैं। ब्लास्टिंग (Blasting in crusher plant) किए जाने से क्षेत्र में भूकंप जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। जान खतरे में पड़ा रहता है।
ग्राम असोला निवासी ऋतु पैकरा का कहना है कि मेरा कच्चा मकान है। ब्लास्टिंग (Blasting in crusher plant) से दीवारें फट गई हैं। ब्लास्टिंग के समय घर भूकंप जैसा हिलता है। इसके अलावा क्षेत्र में गिट्टी व पत्थर परिवहन के लिए हमेशा हाइवा व ट्रैक्टर चलता है।
वाहनों के आवाजाही से कच्ची सडक़ पर धूल उड़ रही है। क्रशर संचालकों द्वारों सडक़ पर पानी का छिडक़ाव तक नहीं किया जाता है। विरोध करने पर क्रशर संचालक व वाहन मालिक क्रशर में डाल देने की धमकी देते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्रशर संचालित होने व ब्लास्टिंग (Blasting in crusher plant) से क्षेत्र के 5 गांव प्रभावित हो रहे हैं। 50 घरों में दरारें साफ देखी जा सकती है। क्रशर का डस्ट व सडक़ पर अनियंत्रित चल रहे वाहनों से उड़ रही धूल घरों तक पहुंच रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। प्रभावित सडक़ से लगे प्राथमिक शाला है। भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
Published on:
25 Feb 2026 08:44 pm
बड़ी खबरें
View Allअंबिकापुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
