रायपुर

साल में एक बार खुलता है माता का ये मंदिर, जहां रेंगकर ही दर्शन करते है श्रद्धालु

एक ऐसा मंदिर जहां खीरा चढ़ाने से मुरादें पूरी हो जाती लेकिन इसकी जिसकी खासियत ये भी है की ये साल में सिर्फ 12 घंटे के लिए ही खुलता है।

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Apr 08, 2019
Chaitra Navratri CG 2019
साल में एक बार खुलता है माता का ये मंदिर, जहां रेंगकर ही दर्शन करते है श्रद्धालु

रायपुर. आज हम आपको देश के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जहां खीरा चढ़ाने से मुरादें पूरी हो जाती लेकिन इसकी जिसकी खासियत ये भी है की ये साल में सिर्फ 12 घंटे के लिए ही खुलता है। यह मंदिर छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित माता लिंगेश्वरी का मंदिर है जो देशभर में मशहूर है।

आपको बता दे। यह मंदिर साल में सिर्फ के बार ही खुलता है इसलिए यहां दर्शन करने वालों की संख्या भी बहुत ज्यादा होती है। हैरानी वाली बात ये है कि इस मंदिर में श्रद्धालुओं को रेंगकर दर्शन करने आना होता है। लिंगेश्वरी माता का मंदिर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में है और इसलिए यहां पर लोग बहुत कम ही जाते हैं।

जंगल के बीच में अलोर नामक एक गांव है जहां पहाड़ पर एक प्राकृतिक निर्माण है। इस निर्माण पर एक छोटा सा पत्थर रखा हुआ है। जब इस पत्थर को हटाया जाता है तब ही मंदिर में प्रवेश किया जा सकता है। इस मंदिर में शिव और पार्वती के समन्वित स्वरूप को लिंगेश्वरी कहा जाता है।

ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में अगर खीरा चढ़ाने पर सभी मुरादें पूरी होती है। इसलिए मंदिर के बाहर बड़ी मात्रा में खीरा मिलता है और लोग भी यहां खीरे को प्रसाद के रूप में खाते हैं। अगर कोई विवाहित जोड़ा संतान की चाह रखता है तो वो भी यहां आकर खीरा चढ़ाता है। मंदिर के आसपास के क्षेत्र में सभी ओर बस खीरे की ही महक आती है। यह मंदिर काफी ज्यादा ऊंचाई पर है इसलिए यहां खड़े होकर दर्शन करना संभव नहीं होता है।

Updated on:
07 Apr 2019 04:37 pm
Published on:
08 Apr 2019 08:00 am