
104 Helpline Closed: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी 104 आरोग्य हेल्पलाइन पिछले 14 महीने से बंद पड़ी है। कभी इस सेवा के जरिए रोजाना करीब 2500 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह और जरूरी जानकारी मिलती थी, लेकिन अब मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। टेंडर, बजट और अनुबंध विस्तार की प्रक्रिया में उलझी यह हेल्पलाइन लंबे समय से ठप है। इसका सीधा असर आम मरीजों, गर्भवती महिलाओं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लेने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
पहले लोग घर बैठे फोन करके बीमारी के शुरुआती लक्षण, प्राथमिक उपचार और दवाओं के सामान्य उपयोग से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर लेते थे। गर्भवती महिलाओं को भी स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया जाता था। इसके अलावा आयुष्मान योजना की जानकारी और अस्पतालों से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध थी। अब इन सुविधाओं के लिए लोगों को अस्पतालों और संबंधित विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
104 आरोग्य हेल्पलाइन का उद्देश्य लोगों को फोन के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराना था। इसके जरिए मरीजों को छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए शुरुआती सलाह मिल जाती थी। लोगों को हर छोटी जानकारी के लिए अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। लेकिन पिछले 14 महीने से यह व्यवस्था पूरी तरह बंद है। सेवा बंद होने के कारण अब लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी और परामर्श के लिए भी दूसरे माध्यमों का सहारा लेना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी थी।
104 हेल्पलाइन के जरिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी मदद मिलती थी। इस सेवा पर रोजाना औसतन 400 से 500 इनकमिंग कॉल आती थीं। इन कॉल के माध्यम से लोग बीमारी के शुरुआती लक्षण, प्राथमिक उपचार, दवाओं के सामान्य उपयोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर जानकारी लेते थे। वहीं, कॉल सेंटर की टीम की ओर से रोजाना करीब 2000 आउटगोइंग कॉल भी की जाती थीं।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मरीजों से संपर्क कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली जाती थी। जरूरत के अनुसार फॉलोअप भी किया जाता था। इस तरह इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल मिलाकर रोजाना करीब 2500 से अधिक लोगों से स्वास्थ्य संबंधी संवाद होता था। हेल्पलाइन बंद होने के बाद यह पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, जेन प्लस कंपनी वर्ष 2022 से 104 आरोग्य सेवा का संचालन कर रही थी। कंपनी का अनुबंध अक्टूबर 2025 में समाप्त हो गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से कंपनी को काम जारी रखने के लिए मौखिक रूप से कहा गया, लेकिन लिखित रूप में अनुबंध विस्तार नहीं दिया गया। बताया जा रहा है कि कंपनी को पिछले कई महीनों से भुगतान भी नहीं मिला था।
बजट और अनुबंध विस्तार की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण संचालन में परेशानी आने लगी। आखिरकार कंपनी ने सेवा बंद कर दी। जून में ही कंपनी की ओर से कर्मचारियों को क्लोजर लेटर जारी कर दिया गया था। इसके बाद कॉल सेंटर का संचालन पूरी तरह बंद हो गया। तब से लेकर अब तक 104 आरोग्य हेल्पलाइन दोबारा शुरू नहीं हो सकी है।
104 हेल्पलाइन बंद होने का असर सिर्फ सामान्य मरीजों तक सीमित नहीं है। इस सेवा के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को भी स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया जाता था। महिलाएं फोन पर अपनी समस्याएं बताकर जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकती थीं। इसके अलावा आयुष्मान योजना सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी इस हेल्पलाइन पर मिलती थी। अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं और शिकायतों के समाधान के लिए भी लोग इसका इस्तेमाल करते थे। अब सेवा बंद होने से गर्भवती महिलाओं को परामर्श के लिए दूसरे माध्यम तलाशने पड़ रहे हैं। वहीं, आयुष्मान योजना और अस्पतालों से जुड़ी जानकारी लेने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है।
पहले 104 हेल्पलाइन के माध्यम से लोग घर बैठे स्वास्थ्य संबंधी सामान्य सलाह ले सकते थे। इससे अस्पताल जाने की जरूरत और समय दोनों बचते थे। खासकर बुजुर्गों, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और उन मरीजों को राहत मिलती थी, जिन्हें छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बार-बार अस्पताल पहुंचना मुश्किल होता था। लेकिन अब हेल्पलाइन बंद होने के कारण लोगों के पास फोन पर सलाह लेने का यह विकल्प नहीं है। छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी के लिए भी उन्हें अस्पताल या संबंधित स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ रहा है।
104 आरोग्य हेल्पलाइन का बंद होना स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। जिस सुविधा के जरिए प्रतिदिन हजारों लोगों से संपर्क होता था, वह लंबे समय से बंद है। मरीजों को स्वास्थ्य सलाह, गर्भवती महिलाओं को परामर्श और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने वाली यह व्यवस्था दोबारा कब शुरू होगी, इसे लेकर लोगों को इंतजार है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि टेंडर और बजट की प्रक्रिया पूरी कर 104 आरोग्य सेवा को दोबारा कब शुरू किया जाएगा, ताकि लोगों को फिर से घर बैठे स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिल सके।