7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सिहावा के सप्तऋषि आश्रम समेत 9 स्थल बनेंगे पर्यटन केंद्र, 90 करोड़ से बदलेगी तस्वीर, जानिए पूरी योजना

9 Religious Places in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी है। श्रीराम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत सिहावा के सप्तऋषि आश्रम समेत प्रदेश के 9 प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Khyati Parihar

•

image

अजय रघुवंशी

•

Updated: 7 Nov 2026, 11:29 AM IST

Chhattisgarh News

राम वनगमन पथ के 9 पड़ाव बनेंगे पर्यटन केंद्र (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@अजय रघुवंशी। Chhattisgarh Religious Tourism: छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी स्मृतियों को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ में 75 स्थलों के अलावा अब प्रदेश के नौ प्रमुख स्थलों का स्वरूप बदलने के लिए करीब 90 करोड़ रुपए खर्च करने का प्लान बनाया गया है। इस योजना में मंदिरों और प्राचीन आश्रमों के नवीनीकरण से लेकर पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित किया जाएगा।

खास बात यह है कि धमतरी जिले के सिहावा क्षेत्र में स्थित सात ऋषि आश्रमों को एक साथ विकसित कर उन्हें नई पहचान देने की तैयारी है। इससे सिहावा का धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन महत्व बढऩे की उम्मीद है। सप्तऋषि आश्रम को भी 9 नए श्रीरामवन गमन पर्यटन परिपथ में स्थान दिया गया है।

धार्मिक स्थलों के साथ पर्यटकों के लिए सुविधाएं

योजना के तहत मंदिरों, आश्रमों, यज्ञशालाओं, गुफाओं और समाधि स्थलों का नवीनीकरण एवं निर्माण किया जाएगा। पर्यटकों की आवाजाही आसान बनाने के लिए प्रवेश द्वार, पाथवे, सीढ़ियां, रेलिंग, पार्किंग और साइनेज विकसित होंगे। पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल और बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा तालाब, कुंड, गार्डन और पहाड़ी क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण प्रस्तावित है। आध्यात्मिक पर्यटन को नया स्वरूप देने के लिए ध्यान केंद्र, सत्संग हॉल, पगोड़ा, प्रतिमा स्थापना और बोटिंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

75 स्थलों के बाद 31 नए स्थलों को संवारने का लक्ष्य

श्री राम वनगमन पर्यटन परिपथ की योजना के तहत पूर्ववर्ती सरकार ने करीब 75 स्थलों की पहचान की थी, जिसमें 80 करोड़ रुपए के करीब की राशि खर्च की गई। निर्माण कार्य की अपूर्णता को लेकर मामले भी उठे, जिसके बाद वर्तमान सरकार ने इसके सोशल ऑडिट कराने का निर्णय लिया। वर्तमान में 31 नए स्थलों को श्रीराम वन गमन पर्यटन परिपथ में जोडऩे का लक्ष्य रखा है। इनमें से प्रमुख स्थलों को पहले फेस में चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की पहल की जा रही है। अब नौ स्थलों के लिए तैयार कार्ययोजना में करीब 90 करोड़ रुपए के संभावित व्यय का अनुमान है। कार्ययोजना में सिहावा के अंगिरा, कंक, वाल्मीकि, गौतम, मुचकुंद, अगस्त्य और शरभंग ऋषि आश्रम प्रमुख रूप से शामिल हैं।

राजेश अग्रवाल मंत्री, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के मुताबिक, श्रीराम वन गमन पर्यटन परिपथ में नए स्थान चिन्हित किए गए हैं। प्रारंभिक चरण में 9 स्थानों को संवारा जाएगा। सिहावा के सप्तऋषि आश्रम सहित बस्तर,सुकमा, धमतरी, कांकेर, रायगढ़, बिलासपुर, भरतपुर आदि जिले के स्थल शामिल हैं।

यह नौ प्रमुख स्थल बनेंगे पर्यटन केंद्र

  1. सप्तऋषि मंडल, सिहावा (धमतरी)
  2. विष्णु मंदिर, रामपुर जुनवानी (कांकेर)
  3. शिव मंदिर, चित्रकोट (बस्तर)
  4. रामाराम चिटमिट्टिन मंदिर (सुकमा)
  5. चंदन मिट्टी, रामगढ़ (सरगुजा)
  6. सीताबेंगरा, उदयपुर (सरगुजा)
  7. सीतामढ़ी हरचौका (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर)
  8. रामझरना (रायगढ़)
  9. लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर, खरौद (बिलासपुर)

सप्तऋषि मंडल के सात आश्रम (सिहावा)

  1. अंगिरा ऋषि आश्रम
  2. कर्क ऋषि आश्रम
  3. वाल्मीकि ऋषि आश्रम
  4. गौतम ऋषि आश्रम
  5. मुचकुंद ऋषि आश्रम
  6. अगस्त्य ऋषि आश्रम
  7. शरभंग ऋषि आश्रम