रायपुर

Academic Credit Bank: पढ़ाई बीच में छोड़ दी तो भी नहीं डूबेगी मेहनत! डिजिटल बैंक में सुरक्षित रहेंगे क्रेडिट, नई सुविधा से जुड़े छत्तीसगढ़ के 33 जिले

Digital Academic Credit Bank: पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्रों की मेहनत अब बेकार नहीं जाएगी। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में क्रेडिट सुरक्षित रहेंगे।
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Aug 18, 2026
Academic Credit Bank
पढ़ाई छूटी तो भी क्रेडिट नहीं होंगे बर्बाद डिजिटल बैंक में सुरक्षित रहेगी मेहनत (photo Patrika)

Student Credit Transfer: अब किसी विद्यार्थी की पढ़ाई बीच में छूटने पर उसके अब तक के साल बर्बाद नहीं होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत लागू की गई एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) व्यवस्था विद्यार्थियों की पढ़ाई से अर्जित क्रेडिट को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखेगी। विद्यार्थी पारिवारिक, आर्थिक या अन्य कारणों से पढ़ाई रोकने के बाद जब दोबारा उच्च शिक्षा से जुड़ना चाहेगा तो पहले अर्जित क्रेडिट के आधार पर आगे की पढ़ाई जारी रख सकेगा। इससे उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों के लिए मल्टीपल एंट्री और एग्जिट का रास्ता आसान हुआ है।

33 जिलों के संस्थान जुड़े

छत्तीसगढ़ में सत्र 2023-24 से इस व्यवस्था को लागू किया गया है। अब राज्य के सभी 33 जिलों के उच्च शिक्षण संस्थान इस डिजिटल व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। इससे करीब 6.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर समेत शासकीय और निजी महाविद्यालयों को इस व्यवस्था से जोड़ा गया है।

पढ़ाई छोड़ने पर 'जीरो' नहीं होगा पिछला प्रयास

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें किसी वजह से पढ़ाई बीच में रोकनी पड़ती है। उदाहरण के लिए किसी विद्यार्थी ने स्नातक के दो वर्ष पूरे कर लिए और इसके बाद उसे पढ़ाई रोकनी पड़ी। अब तक लंबे अंतराल के बाद वापस लौटने पर उसके लिए पिछली पढ़ाई को आगे बढ़ाना आसान नहीं होता था। अर्जित क्रेडिट सुरक्षित रहने से वह निर्धारित नियमों के तहत बाद में उसी या किसी अन्य उच्च शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई आगे बढ़ा सकेगा। क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा विद्यार्थियों को संस्थान बदलने में भी मदद करेगी। इससे उच्च शिक्षा को एक ही कॉलेज या विश्वविद्यालय तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थी अपनी जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ सकेंगे।

डिजीलॉकर में सुरक्षित होंगे डिग्री और प्रमाण पत्र

डिजीलॉकर और नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी के एकीकरण से विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों को भी डिजिटल सुरक्षा मिलेगी। विश्वविद्यालयों की ओर से जारी डिग्री, अंकसूची और अन्य प्रमाणपत्र डिजिटल रूप में उपलब्ध होने से इनके खोने या खराब होने की चिंता कम होगी। जरूरत पड़ने पर विद्यार्थी डिजिटल दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सकेंगे।

यह है बड़े बदलाव

पढ़ाई बीच में छूटने पर अर्जित क्रेडिट डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे।
बाद में पढ़ाई दोबारा शुरू करने का विकल्प मिलेगा।
निर्धारित नियमों के अनुसार दूसरे संस्थान में क्रेडिट ट्रांसफर संभव होगा।
डिग्री और प्रमाणपत्र डिजीलॉकर में उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक रेकॉर्ड का डिजिटल प्रबंधन होगा।
उच्च शिक्षा में मल्टीपल एंट्री-एग्जिट व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

Updated on:
18 Aug 2026 05:43 pm
Published on:
18 Aug 2026 05:41 pm