दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने राज्य सरकार ने नया रायपुर का नाम बदलकर अटल नगर कर दिया है
रायपुर. दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने राज्य सरकार ने नया रायपुर का नाम बदलकर अटल नगर कर दिया है। उसके साथ ही रायपुर रेलवे स्टेशन से केंद्री तक के एक्सप्रेस-वे, बिलासपुर विश्वविद्यालय, राजनांदगांव शासकीय मेडिकल कॉलेज और मड़वा ताप बिजली संयंत्र का नाम भी अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर होगा। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन फैसलों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया, नया रायपुर में पूर्व प्रधानमंत्री की एक भव्य प्रतिमा लगेगी। वहां के सेंट्रल पार्क का नाम उनके नाम पर होगा और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए स्मारक भी बनाया जाएगा। रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में बन रहे बगीचे को भी उनका नाम दिया जाना है। इसके उसके अलावा प्रदेश के सभी 27 जिलों के मुख्यालयों में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री के विकास यात्रा के दूसरे चरण में भी अटल बिहारी वाजपेयी का नाम जुड़ेगा।
मंत्रिपरिषद में तय हुआ, वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसम्बर को हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर का कवि सम्मेलन होगा। उसमें एक कवि को अटल जी की स्मृति में पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं राज्योत्सव के अवसर अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन पुरस्कार दिया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक जनपद पंचायत से एक ग्राम पंचायत को और प्रत्येक राजस्व संभाग से एक जनपद पंचायत, एक नगर पंचायत और एक नगर पालिका तथा प्रदेश स्तर पर एक जिला पंचायत और एक नगर निगम को इसके लिए चुना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की पाठ्य पुस्तकों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी शामिल की जाएगी। उनकी कविताएं भी पाठयक्रम का हिस्सा बनेंगी। ताकि नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके।
गृह विभाग के एक प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की एक बटालियन का नाम पोकरण करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ऐसा अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुए परमाणु बम के परीक्षण की स्मृति में किया जा रहा है।
कैबिनेट में ’छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम’ के गठन को मंजूरी दे दी। संस्कृति विभाग के तहत इसका पंजीयन सोसायटी के तौर पर होगा। मुख्यमंत्री ने बताया, इससे छत्तीसगढ़ में फिल्म उद्योग के क्षेत्र में कला संस्कृति के साथ पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। निगम कलाकारों के प्रशिक्षण की व्यवस्था करेगा। जरूरत पडऩे पर फिल्म निर्माण के विभिन्न पक्षों को आर्थिक सहायता, अनुदान आदि देने की भी व्यवस्था रहेगी। डॉ. सिंह ने बताया, निगम के संचालक मण्डल में शासन द्वारा नामांकित अध्यक्ष होगा।
संस्कृति विभाग के सचिव या उनके नामांकित प्रतिनिधि, वित्त विभाग के सचिव या उनके नामांकित प्रतिनिधि, संचालक जनसम्पर्क, संचालक उद्योग, प्रबंध संचालक पर्यटन मंडल और संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक इसके सदस्य होंगे। संचालक मंडल में शासन द्वारा नामांकित अधिकतम 5 अशासकीय सदस्य भी होंगे। फिल्म विकास निगम के प्रबंध संचालक इसके सदस्य सचिव होंगे।
मंत्रिपरिषद ने एजेंडे पर चर्चा से पहले दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी को मौन श्रद्धांजलि दी। एक शोक प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव को त्रिस्तरीय पंचायतों और नगरीय निकायों को भी भेजा गया है। स्थानीय निकायों को 28 अगस्त तक बैठक कर यह प्रस्ताव पारित करना है। बैठक में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
कांग्रेस नेता करुणा शुक्ला ने मंत्रिपरिषद के फैसलों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, अटल जी की मृत्यु के बाद भाजपा जिस तरह से उनके नाम को राजनीति के लिए भुनाने में जुटी है उससे वे क्षुब्ध और व्यथित हैं। करुणा शुक्ला ने कहा, पिछले दस वर्षों से अटल जी को भाजपा ने परिदृष्य से गायब कर दिया। अब चार राज्यों में भाजपा की नैया डूबती हुई दिख रही है तो एकाएक भाजपा को अटल जी तिनके का सहारा लग रहे हैं।
मंत्रिपरिषद ने सहज बिजली बिल योजना को मंजूरी दे दी। इसके तहत नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को 40 यूनिट प्रतिमाह की नि:शुल्क सीमा से ज्यादा बिजली की खपत पर प्रचलित टैरिफ के स्थान पर 100 रुपए माह की दर से फ्लैट रेट पर बिल भुगतान की सुविधा का विकल्प दिया जाएगा। इस योजना के लागू होने पर राज्य के 12 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को फायदा होगा। उन्हें लगभग 500 करोड़ रुपए की राहत मिलेगी।
मंत्रिपरिषद ने नि:शक्त व्यक्तियों को दिए जाने वाले आरक्षण की सीमा सात प्रतिशत करने का फैसला किया। ऐसा केंद्र सरकार द्वारा नि:शक्त व्यक्ति अधिकार नियम 2016 में पूर्व से निर्धारित अस्थिबाधित, दृष्टिबाधित एवं श्रवणबाधित के अलावा दो अन्य प्रकार नि:शक्तता को जोडऩे की वजह से हुआ है। केंद्र ने इसके लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। प्रदेश सरकार पुरानी तीन श्रेणियों को 2-2 प्रतिशत अर्थात कुल 6 प्रतिशत आरक्षण पहले ही दे रही थी।
सरकार ने बेमेतरा, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और कोण्डागांव के 17 मार्गों पर सिटी बस सेवा के लिए इन मार्गों को पाश्र्वस्थ क्षेत्र अथवा शहरी मार्ग घोषित कर दिया है।