रायपुर

रिहायशी इलाके में न हो शराब दुकानें, महिलाओं का गुजरना हो जाता है दुश्वार

जिस जगह पर दूध-दही खरीदने के लिए भीड़ लगनी चाहिए, वहां शासन ने शराब खरीदने की व्यवस्था कर रखी है
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Nov 19, 2018
Bhatagaon
रिहायशी इलाके में न हो शराब दुकानें, महिलाओं का गुजरना हो जाता है दुश्वार

रायपुर. राजधानी में इन दिनों सुबह से देर शाम तक जिधर देखो, उधर चुनावी रैली, सभा और प्रचार-प्रसार का ही जोर है। शहरवासियों के बीच चुनाव चर्चा का विषय बना हुआ है। किटी पार्टी में भी महिलाओं की चर्चा का केन्द्र चुनाव ही रहता है।

इस दौरान वे क्षेत्र की समस्याओं का जिक्र करते हुए एक पल में सरकार गिराते हैं, कुछ देर बाद उसे बनाते हुए भी नजर आते हैं। दक्षिण विधानसभा में बोरियाखुर्द के पास स्थित शांतिनगर में में करीब आठ-दस महिलाओं के ग्रुप की किटी पार्टी हो रही थी। यहां महिलाएं ने मिलते ही सीधे चुनाव पर चर्चा शुरू कर दी है। बीच-बीच में महिलाएं क्षेत्र की समस्याओं को गिना रही थी।

सुनीता प्रजापति, किरण प्रजापति, शोभा प्रजापति, छाया, मीना, लीला, लक्ष्मी आपस में बात कर ही थी कि कैसा जमाना आ गया है अब। जिस जगह पर दूध-दही खरीदने के लिए भीड़ लगनी चाहिए, वहां शासन ने शराब खरीदने की व्यवस्था कर रखी है। गोकुल नगर में नाम के अनुरूप उल्टा काम हो रहा है। इस बीच छाया प्रजापति बोल पड़ी- वाकई में बहन, रहवासी क्षेत्र में शराब दुकान खुलने से महिलाओं का तो अपने ही क्षेत्र में शाम को टहलना मुश्किल हो गया है।

घरों में लड़ाई की असली वजह शराब
लक्ष्मी और मीना ने कहा, अब तो घरों में पति-पत्नी के बीच की लड़ाई घरेलू मुद्दों के बजाए शराब ही असल जड़ हो गई है। शासन को शराबबंदी पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए, जिससे घरों में पति-पत्नी के बीच आए दिन होने वाले झगडे से निजात मिल सके।

मीना की बातों का समर्थन करते हुए पार्टी में मौजूद अन्य महिलाओं ने भी महिलाओं ने जोर देकर कहा कि वाकई में घर-द्वार की सुख-शांति छिनने वाले शराब पर तत्काल पाबंदी लगनी चाहिए। महिलाओं ने संतोषी नगर में तरुण बाजार के पास सुबह से शाम तक लगने वाले ट्रैफिक जाम के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की। किसी ने कहा कि बाजार की वजह से रोड पर ठेले, बैठकी लगने से टै्रफिक जाम होता है।

Published on:
19 Nov 2018 01:04 pm